Saturday, 6 April 2024

अमेरिका में फ़िर हुई हिन्दू तालिब ए इल्म की मौत।

 अज़ीज़ नाज़रीन,

एक बार फ़िर अमेरिका में भारत के तालिब ए इल्म की मौत हो गई।  अमेरिका में भारतियों की बढ़ती हुई अमवात से भारत का सिफारातखाना खासा परेशान है।  लेकिन राजा को इसकी कोई फ़िक्र नहीं हैं वोह तो मार काट की बातें किये बग़ैर रह नहीं सकता।   

इस बार अमेरिका के ओहियो में एक भारतीय हिन्दू तालिब ए इल्म हलाक हो गया।  मारा गया तालिब इल्म उमा सत्य साईं गड्डे की मौत से सिफरातखाने को शदीद धक्का लगा है।  नई यॉर्क में भारत के सिफरातख़ाने ने कहा की उसकी लाश को भारत पहुंचाने में हर मुमकिन मदद की जाएगी।  जहाँ की गंदगी वही पर जलेगी वहीँ पर ख़ाक होगी और उस ही जगह के पानी में बहेगी।  जैसा करोगे वैसा भरोगे। 

#भाई मुख़्तार साहब

नाज़रीन ऐसा कहतें हैं अगर वतन का हाकिम जल्लाद सिफ़त, दरिंदा, ज़ालिम, नाइंसाफ होगा तो उसको हर जानिब मार काट ही दिखेगी।  वोह दरिंदा इंसानी लाशों और उनके सरों को काटने पर अपनी कामयाबी दिखायेगा।  ऐसा करते वक़्त वोह यह भूल जाएगा की तुमने महज़ २० मारे होंगे और तुम्हारे ८० मारे गए वोह क्या है। 

पाकिस्तान में २० दहशतगर्दों की हलाकत को ज़ालिम राजा इन्तेख़ाबी मोहीम बना रहा है और अपनी तरक़्क़ी के कामों से उनकी हलाकत को जोड़ रहा है।  बेवक़ूफ़ है।  जितनी गंदगी इसके ज़ेहन में गाये के नाजिस्त (पखाने, पेशाब) के नाम पर भरी हुई है उतनी ही गंदगी उसके मुँह से अलफ़ाज़ के रूप में निकल रही है।   तुमने २० दहशतगर्दों को मार गिराया लेकिन ४० से ज़ाईद मेहेज़ इस साल के आगाज़ से अब तक बेरुन मुल्क तुम्हारे जो तालिब ए इल्म नौजवान सलाहियत मारी गई उसका क्या?  अकेले अमेरिका में कमो बेश १० भारतीय नौजवान अभी तक हलाक हो गए हैं। 

फ़िर यह सभी तालीम लेने गए थे।  कियोंके तुम्हारे मुल्क में नफ़रत का बाजार इतना गर्म है की हर ख़ित्ते में ज़हर भर चूका है।  स्कूल, कॉलेज से ले कर यूनिवर्सिटीज़ और आला तालीम में हर जगह वही ज़ाफ़रानी दहशत और ज़हरीली सोच।  यह सभी भारत का मुस्तक़बिल थे कोई B.Tech  M.Tech कोई और कोई स्पेस रिसर्च में दीगर आला तालीम लेने गया था।  अगर २० दहशतगर्दों की मौत तुमको सुकून देती है और तुम भारत के आला तालीम ज़ेहन नौजवानों की मौत को उसका कफ़्फ़ारा मान कर जश्न मना रहे हो तो तुमसे बड़ा जाहिल और कम अक़्ल कोई दूसरा हाकिम हो ही नहीं सकता। 

एक तुम अपने नौजवान हुनर को दहशत से मुमासलत दे रहे हो दूसरा तुम अपने तालिब ए इल्मों को "दहशतगर्द" से मिला रहे हो।  उनकी मौत का जश्न मना रहे हो लेकिन इनकी मौत का कोई ग़म नहीं है।

बढ़ती हुई मौतों से बेरुन मुल्क रहने वाले भारतीय अवाम के लिए ख़तरे की घंटी बजना शुरू हो गई है और वोह अब भारत के बहार भी अपने तहफ़्फ़ुज़ के लिए परेशान हैं।  उन्होंने भारत में बढ़ती हुई नफ़रत, फ़िरक़ापरस्ती, मार काट को देखते हुए भारत को छोड़ा था लेकिन भारत की हुकूमत की गंदगी और अक़लियतों ख़ास मुस्लिम, क्रिस्टी और सिख्खों के साथ की गई मार काट की हिकमत ए अमली अब बेरुन मुल्क क्रिस्टी और मुस्लिम मुल्कों में भारतीय  अवाम के लिए मौत का फ़रमान ले कर आ रही है। 

वहीँ अहमदाबाद  गुजरात का ज़ाफ़रानी दहशतगर्द माफिया डॉन आशीष कूकड़िया बीकॉम कर कर दुबाई से स्मग्ग्लिंग करने के इलज़ाम में गिरफ्तार किया गया है।  उसका जोड़ीदार ज़ाफ़रानी दहशतगर्द माफ़िया, डॉन, दरिंदा अनंत शाह और उसके ५ स्मगलरों को गिरफ्तार किया है।  जो इनका कल्चर है वही इन लोगों ने दिखाया।  इसको सिखाया ही यही जाता है मुस्लिम मुल्कों को तबाह करो लेकिन यह अपने ही मुल्क को बर्बाद कर बैठे।  गुजरात का माफिया डॉन दरिंदा मुस्लिम मुल्कों को माशी दहशतगर्द हमला करने के अपनी मोहीम में दुबाई से अहमदाबाद गुजरात में सोना स्मगल करते थे कियोंके दुबाई में सोना सस्ता है और उसके ऊपर कोई टेक्स नहीं है।   

तमाम मीडिया के लोग बड़ी बड़ी बातें हुकूमत के नाम से करतें हैं।  अगर भारत में आला तालीम के नाम पर ज़हर ना भरा जाता मेडिकल और टेक्नोलॉजी में आरएसएस और माफ़ी वीर के सब्जेक्ट नहीं पढाये जाते तो काहे को तालिब ए इल्म बेरुन मुल्क जाते।  अगर भारत में सभी के लिए रोज़गार के मौक़े होते, अमन होता, फ़िरक़ापरस्ती का नाग कहीं नहीं होता तो काहे को भारत का नौजवान नौकरी करने अपनी जान को खतरे में डाल कर जंगी महाज़ पर रूस और इजराइल जाता। 

हुकूमत ने तो ज़हर भरने का काम करना है अब्दुल को टाइट रखना है।  कोई ज़ाफ़रानी साधू उठ कर राम के नाम पर मज़ीद ज़हर भरेगा।  हम राम का मंदिर बनातें हैं और राम नाम सत्य भी करतें हैं।  लेकिन उस राम नाम सत्य में तुम्हारे कितने मारे गए वोह नहीं बताएगा।  अगर मंदिर बनने से ही तमाम मसले हल हो जातें तो २०१५ से ले कर अभी करोड़ों भारीतय भारत से बेरुन मुल्क काहे को चले गए।  सिर्फ़ अमन और अपनी जानी की अमान की वजह से चले गए। 

लेकिन इस शैतान की काली साया बेरुन मुल्क रह रहे भारतीय ख़ास हिन्दू अवाम को मौत की भयानक अंदर में निगलती जा रही है।  कियोंके मुस्लिम, क्रिस्टी और सिखों पर ज़ुल्म नाइंसाफी हिन्दू हुकूमत कर रही है और उनका क़तल हिन्दू दहशतगर्द कर रहें हैं तो उसका कफ़्फ़ारा हिन्दू अवाम को भी देना होगा।भारत में और भारत के बहार भी। 

 

सहाफ़ी ज़ुबेर की पेशकश।

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