Saturday, 7 August 2021

एक और मरकज़ी ख़ाकी दहशतगर्द को दी गई फांसी।

अज़ीज़ नाज़रीन और मेरे ख़ैरख़्वाह साथियों,

गुजिश्ता एकम जून से जंगे आज़ादी की ख़बरे शाया करने से क़ासिर हूँ.   फ़िज़ाई फौज के चीफ विंग कमांडर (Wing Commander L33OS 7G) और मेजर जनरल जुबेर के ख़ासम ख़ास की शहादत से वोह अज़हद सदमे में हैं.   विंग कमांडर जो एक जंगी महाज़ में शदीद ज़ख़्मी हो गए थे २१ मई को शिफ़ा ख़ाने में दाख़िल किये गए थे और २५ मई को वोह शहीद हो गए.  जिसका ज़िक्र १२ जून को लिखे एक मज़मून फ़िज़ाई फौजी (विंग कमांडर) दरकार है। में किया गया है.  

 

नाज़रीन विंग कमांडर की शहादत का बदला लेने के अज़्म को बरक़रार रखते हुए दिफ़ाई फ़ौजिओं ने दुशमन के कई जंगजू जहन्नुम रसीद कर दिएइस कड़ी में एक और नाम जुड़ गया हैजहाँ दिल्ली के गाज़ीपुर हल्क़े में एक पार्क में मरकज़ी मेहफ़ूज़ पुलिस फ़ोर्स के एक दहशतगर्द को फ़ासी पर लटका दिया गया है५२ साला हेड दहशतगर्द (हेड कांस्टेबल) शाहजी की लाश पेड़ से लटकी पाई गई हैवैसे तो शुमाली भारत का ज़्यादातर हिस्सा दिफ़ाई फौजियों के ज़ेरे निगरानी चूका हैख़ास जब से क़ानून इन्तेज़ामियाँ और दिगर चीज़ें दिफ़ाई फ़ौजिओं के ज़ेरे इंतज़ाम आएं हैं इन्साफ पसंद अदलिया के फैसले ख़ाकी दहशतगर्दों  को चुन चुन कर मौत की आगोश में भेज रहें हैंमारे गए तमाम दहशतगर्द मुस्लिम क़त्लो ग़ारत और दिल्ली दंगों में मनफ़ी किरदार अदा करने के मुजरिम थेइनमे से कुछ एक इन्साफ के क़तल और इंसानियत के ऊपर ज़ुल्म करने में भी शामिल थे.  

 

इस दहशतगर्द शाहजी की मौत की सज़ा का हूकूम नाफ़िज़ होते है वोह गुम सूम रहने लगा था और डिप्रेशन में चला गया थाफांसी के फंदे पर लटकाया गया दहशतगर्द शाजी दिल्ली के मयूर इलाक़े में  अपने एहले ख़ाना के साथ रहता था.   उसकी मौत का फरमान एक महीना पहले ही   गया थाजिसकी वजह से वोह ज़ेहनी अज़ीयत से मुत्तासिर था और डिप्रेशन  का शिकार हो गया थाउसके एहले ख़ाना को बिलकुल उम्मीद नहीं थी की उसको फ़ासी पर लटका दिया जाएगा।  उनको उम्मीद थी की उसकी मौत के फरमान को दिफ़ाई अदालत तरमीम कर के उम्र क़ैद दे देगी।

फ़ासी दिए गए दहशतगर्द के जिस्म पर किसी क़िस्म के चोट के निशान नहीं हैं और ना ही कोई सोसाइड नोट मिला हैउसको खुले आसमान के नीचे एक पार्क में फ़ासी पर लटकाया गया हैताके दीगर संघी दहशतगर्द, शिद्दत पसंद हिन्दू और बीजेपी वाले उसकी मौत  से इबरत हासिल करें। 

सहाफ़ी जुबेर ने दो एहम मुहाईंदों पर दस्तख़त किये।

आज बरोज़ हफ्ते  अगस्त २०२१ को सहाफ़ी जुबेर ने अपने दफ्तर में दो एहम मीटिंग के बाद दो मोहायदों पर दस्तख़त किये हैंऔर एक क़रारदार नाफ़िज़ किया हैइस क़रारदार से दिफ़ाई फ़ौज मज़ीद मज़बूत होगी।  नए विंग कमांडर की ख़िदमत गुज़ारी के लिए कुछ नामों पर बहस हुईजल्द ही दिफ़ाई फ़ौज को एक आला तरीन ज़हीन और जदीद टेक्नोलॉजी से आरास्ता तालीमी आफ़्ता विंग कमांडर मिलेगा।  जिससे दिफ़ाई फ़ौज की ताक़त और क़ुव्वत दो गुनी हो जाएगी।  

zuber

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