Thursday, 12 August 2021

दरिंदगी भरे नारेबाजी में भगोड़े आतंकी पिंकी चौधरी AK-४७, के साथ.


दिल्ली जंतर मंतर पर खून खराबा और भारत में आतंकी हमला कर क़त्ले आम करने की चूनौती देने वाला भारत का गद्दार और आतंकी पिंकी चौधरी आला तरीन हथियारों के साथ फोटो दे कर हूकूमते ज़ाफ़रान को ख़ौफ़ज़दा कर रहा है. 

ऐसे जदीद हथियार सिर्फ हूकूमती फौज के पास होतें हैं जिनसे हमले के एक ही वार में कमो बेश ५० से १०० अफ़राद जाहांबाक हो  जातें हैं.  दिल्ली पुलिस लगातार इस दहशतगर्द को पकड़ने के लिए छापेमारी कर रही है. यह दहशतगर्द भारत की यौमे आज़ादी के मौक़े पर दहशतगर्दाना हमले को अंजाम दे सकता है.  आतंकवादी पिंकी चौधरी हिन्दू रक्षा दाल आतंकी गिरोह से जुड़ा हुआ है.  उसने भारत में आतंकी हमलों को अंजाम देने जैसे नारों और  हुकूमत को चूनौती देने जैसे ग़लीज़ और गंदे अमल को अंजाम देने की ज़िम्मेदारी ली है.  

यह वतन का ग़द्दार आतंकवादी गाज़ियाबाद में अपने अड्डे क़ायम करने वाला बताया गया है.  उसने अपने आतंकी सारमायकारी और रेडार, कम्युनिकेशन से आरास्ता एक गुफा में ही दफ्तर बना रखा है.  जैसे की तमिल आर्मी का सरगना और श्रीलंका के लिए दुश्वारी बना भारत का आतंकी प्रभाकरन ने एक बड़ी से गुफा में तमाम जदीद हथियारों राडार कम्युनिकेशन के साथ अपना खुफिया अड्डा बना रखा था. 

इस हिन्दू आतंकवादी के १५ अगस्त से पेश्तर भारत में आतंकी हमले करने  की चूनौती वाइरल होने के बाद अब इसका खूंखार और भद्दा चेहरा तमाम अवाम के सामने आ गया है.  जदीद हथियारों के साथ जो सिर्फ फौज को इस्तेमाल करने की इजाज़त है,  एक आम शहरी को लाइसेंस होने के बाद भी वोह हथियार रखने की इजाज़त नहीं फिर इस आतंकवादी के पास ऐसे जदीद हथिआर कहाँ से आये और किस ने उसको मोहिय्या किये। 


भारत में दहशतगर्दाना हमले की धमकी देने के मामले में इस आतंकी पिंकी चौधरी के साथ उत्तम भी मोस्ट वांटेड है. इन दोनों को ज़िंदा या मुर्दा गिरफ्तार करने के लिए पुलिस छापे मारी कर रही है लेकिन अभी तक कुछ हाथ नहीं लगा.  पुलिस के एक अधिकारी ने अपना नाम ना बताने की शर्त पर कहा की अगर ज़रुरत पड़ी तो हम उसका शिकार करेगें और एनकाउंटर में उसको ढेर कर देंगें।

आपको शायद इल्म होगा जवाहरलाल  नेहरू यूनिवर्सिटी में इसी साल ५ जनवरी की शाम हुए आतंकी हमले की ज़िम्मेदारी भी इसी आतंकी पिंकी चौधरी ने ली थी.  उस वक़्त उस बहरूपिये ने अपने चेहरे को नक़ाब से ठाँप रखा था.  उस आतंकी हमले में काफ़ी तादात में तालिबे इल्म और उस्ताद ज़ख़्मी हुए थे.  

यह सहाफी तो खुल कर पुलिस की नाकामी पर सवाल उठा रहा है.  अगर पहले आतंकी हमले पर ही उसको एनकाउंटर में ढेर कर दिया होता तो आज भारत को मज़ीद ज़ख़्मी करने जैसी धमकियाँ उसके मुँह से नहीं निकलती।  और जो काम (एनकाउंटर) करने की अभी पुलिस सोच रही है वोह हो चूका होता। 

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