यूनिवर्सिटीज
और उच्च शिक्षा सदा से ही उन लोगो के लिए दुश्वार रही है जो पढ़ाई नहीं करते और सिर्फ
गुंडा गर्दी, लड़की बाज़ी, आवारागर्दी, आतंकवादी गतिविधिओं में शामिल रहते है. जिस तरह
से शैतान के सामने रेहमान की बात करो तो उसको कोफ़्त और घबराहट होने लगती है और वो चाहता
है ये जो रेहमान की और अच्छी बात कह रहा है या तो इसको भी उसके जैसा शैतान बना दूँ
या फिर इसको इसके रस्ते से भटका दूँ.
यही हाल यूनिवर्सिटीज
में पढ़ाई लिखाई करने वाले छात्रों और विद्यापीठ के छात्रों के बीच होता रहता है. विद्यापीठ के गुंडा गर्दी, लड़की बाज़ी, आवारागर्दी,
आतंकवादी गतिविधिओं में शामिल रहने वाले छात्र यूनिवर्सिटी के छात्रों को तरह तरह से प्रताड़ित करते है और वो चाहते है के जो छात्र भी पढाई लिखाई कर रहे है हमारी तरह ही
हर उस काम में शामिल हो जाए जो समाज के लिए देश के लिए एक अज़ाब साबित हो. फिर विद्यापीठ के छात्र यूनिवर्सिटीज से इसलिए भी
इतना हसद रखते है क्योके यूनिवर्सिटीज विद्यापीठ के रस्ते पे नहीं चलती.
पिछले साल
रमज़ान महीने में इन बीजेपी के गुंडों और विद्यापीठ में आतंकवादी ए.बी.वी.पी. ने इलज़ाम
लगाया था के अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में रमज़ान के महीने में हॉस्टल में हिन्दू स्टूडेंट्स
को भी खाना बंद कर दिया गया और उनको रोज़ा रखने पे मजबूर किया जा रहा है. इस तरह की अफवाह के आते है आज तक, ज़ी न्यूज़, इंडिया
न्यूज़ जैसे लंगूर मीडिया के लंगूर पत्रकारों ने खबरों को मसाला मिर्च लगा कर पेश करना
शुरू कर दिया और भारत की तुलना पाकिस्तान और सऊदी से करना शुरू कर दिया. फिर ये लंगूर
यहाँ तक भी नहीं रुके उन्होंने साम्प्रदाइक रंग दे कर देश की फ़िज़ा ख़राब करने की कोशिश
की और ख़बरों में कहा जाने लगा के मुसलमानो को भारत में इतनी आज़ादी है क्या हिन्दुओं
को मुस्लिम देशों में इतनी आज़ादी होती है. क्या अलीगढ़ दूसरा पाकिस्तान बन गया है जहा
हिन्दू छात्रों को रमज़ान में खाना पानी तक से महरूम कर दिया जाएगा. फिर लंगूरों के इस फरेबी और झूठे जाल को हवा दी
विद्यापीठ के आतंकवादिओं ने और अलीगढ़ में रमज़ान के पवित्र महीने में माहौल को ख़राब
कर के दंगा मचाने पूरी तैयारी कर ली. लेकिन
जिसको अल्लाह हिदयात देता है उसको लंगूर, शैतान और हिटलर जैसे कितने ही आये और गए कोई
भी अपने मकसद से ज़र्रा बराबर हिला तक नहीं सकता.
तुरत अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के कुलपति हरकत में आये और उन्होंने एक प्रेस
विज्ञप्ति जारी की जिसमे हॉस्टल के खानसामा का बयान भी दर्ज था, और उसमे साफ़ कहा गया
था के ना सिर्फ हिन्दू बल्कि जो मुस्लिम छात्र रौज़े नहीं रख पाते और अपने घरों से दूर
है उनके लिए भी पूरी तरह से हॉस्टल का मेस हर रोज़ की तरह चालू है और किसी भी तरह की
बंदी हॉस्टल के मेस ने या कुलपति ने जारी नहीं की है. ये सब अफवाह है और कुछ नहीं, के
हॉस्टल में रमज़ान में दोपहर के समय खाना नहीं दिया जाएगा. ये विवाद सुलझ गया और शैतान, लंगूर और हिटलर रूसवा
हुआ.
फिर अभी हाल
ही में अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में उठे विवाद को भ्रमित करने और मुद्दे से भटकाने के लिए फिर से एक बार
भाजपा के आतंकवादी के द्वारा साम्प्रदाइक रंग देने की कोशिश की गई है. जब अलीगढ़ विवाद पे हर जगह से भाजपा रूसवा हुई
और पाखंडी साधू को कोई जवाब देते नहीं बना के पुलिस की बर्बरता उन छात्रों पे काहे
को दिखी जिन्होंने आतंकवादिओं को यूनिवर्सिटी का कब्ज़ा करने से रोका था और सवेधानिक प्रक्रिया
के तहत ऑफ.आई.आर. दर्ज करवाने के लिए निकले थे. तो प्रशासन से समूचे मुद्दे को साम्प्रदाइक रंग में रगने की कवायत तेज़ कर दी. ताके ना रहेगा मुद्दा और ना होगी फजीती.
भाजपा
ने फिर से साम्प्रदाइक कार्ड चला के अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में हिन्दू छात्रों को प्रताड़ित किया जाता है और उनको अपने मज़हबी एतेक़ाद से दूर किया जाता है. फिर इस समूची साजिश का जवाब खुद हिन्दू छात्रों
ने दिया और खुद हिन्दू छात्र विद्यापीठि आतंकवादी हमलो से अपनी यूनिवर्सिटी को बचाने
के लिए ढाल बन गए. जिस तरह रमज़ान के मेस के मसले पे खुद हिन्दू छात्रों ने आ कर कहा
था हमें खाना पानी सब हर रोज़ की तरह मिल रहा है. बल्कि रमज़ान महीने में तो हर रोज़ के
बजाय खाने की मात्रा और सब्जिया भी ज़्यादा होती है.
अब सवाल ये
उठता है जब यूनिवर्सिटी के हिन्दू छात्रों को ऐसा नहीं लगता के उनके साथ किसी भी प्रकार
से भेद भाव किया जा रहा है उनको हिन्दू होने की वजह से प्रताड़ित किया जाता है तो ये
बाहरी ताक़तों और विद्यापीठि आतंकवादीओ को कैसे लगता है के हिन्दू धर्म मुस्लिम यूनिवर्सिटी
में खतरे में है. फिर ये बाहरी ताकते कब से हिन्दू मुहाफ़िज़ हो गई, जिसके साथ प्रतारणा
हो रही है वो तो कह रहे है नहीं हम सूखी है और बाहरी ताकते यूनिवर्सिटी के आपसी भाईचारे
और गंगा जमुनी तहज़ीब को तोडना चाहते है.
आतंकवादीओ
को अब समझ जाना चाहिए के उनके वही पुराने हमले अब किसी काम के नहीं है देश की अधिकाँश
जनता समझ चुकी है तुम्हारी गन्दी साजिश, के सिर्फ तुम हिन्दू मुस्लिम कर के यूनिवर्सिटी
को ही नहीं बल्कि देश को ही तोड़ रहे हो. देश
की अधिकाँश जनता लंगूरो की साजिश भी अच्छी तरह से समझ चुकी है के वो किस तरह से सिर्फ
और सिर्फ मुस्लिम समाज को झूटी और फरेबी खबरों के आधार पे बदनाम करते है. “एक अपराधी ने आल्लाहो अबकर बोल के चाकू खोंप दिया, २ की मौत इस.अस ने ली
हमले की ज़िम्मेदारी”. फिर हर हमले को इस्लाम और मुस्लिम समाज से जोड़ने की
जो तुम्हारी साजिश थी वो भी बेनाकाब हो चुकी है और तुम खुद समाज के सामने नंगे हो गए
हो के तुम कितने बड़े पाखंडी, फरेबी और झूठे हो.
English version
English version
Another
nefarious conspiracy of Sanghis unveiled.
https://autonomousjournalist.wordpress.com/2018/05/13/another-nefarious-conspiracy-of-sanghis-unveiled/ …
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