Friday, 11 May 2018

दूसरों का एनकाउंटर करने वाले शैतान ने खुद किया अपना एनकाउंटर.

मुंबई पुलिस का विवादित और फ़र्ज़ी एनकाउंटर स्पेशलिस्ट IPS अफसर हिमांशु रॉय मारा गया है उसने खुदकुशी कर ली है. जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार को उसने अपनी सर्विस रिवॉल्वर से खुद का एनकाउंटर कर लिया. अपने सरकारी आवास पर आज दोपहर करीब १.४० बजे उसने खुद को गोली मार ली. वह ५४ वर्ष के थे.

इस बीच फॉरेंसिक टीम मालाबार हिल स्थित हिमांशु रॉय के घर पहुंच गई है. फॉरेंसिक टीम यहां हिमांशु रॉय के फिंगर प्रिंट के साथ-साथ कुछ और साक्ष्य भी इकट्ठा करेगी.

ऊपर वाले के घर देर है अंधेर नहीं, इस हिमांशु रॉय ने बोहोत से मुसलमानो को ना हक़ बम ब्लास्ट के इलज़ाम में अरेस्ट किया था.  उनके ऊपर न हक़ ज़ुल्म किया था, मुसलमानो का फेक एनकाउंटर. फिर वडाला में एक लेडी अधिवक्ता की हत्या के इलज़ाम में कश्मीर के एक शब्बीर नामक नौजवान को अरेस्ट किया था.  इस पुलिस वाले के खिलाफ इस पत्रकार ने बोहोत सी कंप्लेंट तब के गृह मंत्री आर.आर.पाटिल को लिखी थी लेकिन इसके खिलाफ एक्शन लेने के बजाय उसको प्रोमोट किया गया. लेकिन ऊपर वाला तो सब हिसाब किताब रखता है.  उसके बाद गृह मंत्री आर.आर.पाटिल कुछ ही दिनों में मर गया. जब वो हॉस्पिटल में एडमिट था इस पत्रकार का किया हुआ वक्तव शायद टाइम्स ऑफ़ इंडिया पे होगा. इस पत्रकार ने गृह मंत्री आर.आर.पाटिल के मरने से पहले ही कह दिया था के ये नामुराद मरने से पहले कुछ दिन मृत शय्या पे रहेगा फिर मरेगा. और कुछ दिन तक हॉस्पिटल में रहने के बाद आर.आर.पाटिल मारा गया और अब उसका साथी.  २०१० से लेकर २०१३ तक लेखक के कुछ एक लेखो में इस हिमांशु रॉय का ज़िक्र मिलेगा.

मोदी और अमित जैसे आतंकवादीओ को इस पत्रकार ने अपने अंग्रेज़ी के कई लेखो खुली चूनौती दे रखी है के उनकी ज़िन्दगी की डोर को ऊपर वाले ने ढील दे रखी है तो वो ये ना समझ बैठे के देश के सर्वोच पद पे हम असिन है तो हमारा कोई कुछ भी नहीं बिगाड़ सकता. तुम सर्वोच्च पदों पे होंगे लेकिन जो काम ऊपर वाला कर सकता है वो तुम हरगिज़ नहीं कर सकते.  और जब तुम्हारी ज़िन्दगी की डोर कसना शुरू होगी तुमको पानी पीने की मोहलत तक नहीं मिलेगी.  बल्कि जो पानी मू में लिया होगा उसको हल्क़ के अंदर उतारने की मोहलत तक नहीं देगा ऊपर वाला. तुम लोगो ने भी मुस्लिम समाज के साथ बोहोत ना इंसाफ़ी की है.  भले ही तुम्हारे पास इसका हिसाब किताब ना हो लेकिन ऊपर वाला हर एक गलती और अच्छे कार्य का हिसाब रखता है.  

दूसरी बात तुमसे गलती हो सकती है लेकिन ऊपर वाले से हरगिज़ नहीं. तुम लोगो ने भी हिन्दू आतंकवादीओ को जेल से रिहा करवा लिया है.  जिन्होंने २००२ में मासूम बच्चो को आग के हवाले किया था, बूढ़े लोगो को जो भाग नहीं सकते उनके पावो काट के आग में डाला था महिलाओं के साथ रेप किया फिर उनको आग के हवाले कर दिया.  तो उसका ज़वाल तो आएगा आज नहीं तो कल ज़रूर आएगा.  ये सिर्फ मुस्लिमों का नहीं बल्कि हर इंसान का अज़्म है के उपरवाले के यहाँ देर हो सकती है परन्तु अंधेर नहीं. जिसने पाप किया है उसको सजा मिलेगी.

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