Tuesday, 13 February 2024

पाकिस्तानी लाचार कमज़ोर ईमान।

अज़ीज़ नाज़रीन,

दौर ए मौजूदा में जो हालात पाकिस्तान उसकी क़ौम और पाकिस्तानी क्रिकेट टीम के हुई  हैं उससे उनके अंदर कमज़ोर ईमान और एहसास ए कमतरी साफ़ ज़ाहिर हो रही है।  दरअसल यह हालात उनके मौजूदा सियसतदांओं की बद ईमानी और अल्लाह के उसूलों को तोड़ने की वजह से हो रही है। 

पाकिस्तानी कमज़ोर ईमान पर ज़ाफ़रानी दहशतगर्दों का ऐसा ख़ौफ़ तारी हुआ है की गुजिश्ता आलमी कप २०२३ में सेमी फाइनल में हार की अहम वजह फाइनल में दहशतगर्दों से ज़लालत भरी शाकिस्त से बचने की हिकमत थी। 

वही रवैया पाकिस्तान का अंडर -१९ के आलमी कप सेमी फाइनल में देखने को मिला।  यहाँ पर भी तक़रीबन रवैया वही रहा।  ज़ाफ़रानी दहशतगर्दों से फाइनल में हार की ज़लालत से बचने के लिए सेमी फाइनल हार गए पाकिस्तानी।

नाज़रीन जैसा की में हमेशा कहता रहता हूँ किसी भी मुल्क के हाकिम के बद और आला किरदार का असर उसकी रियाया पर होता है।  मौजूदा दौर में पाकिस्तान के हाकिम बेईमान, अपने फ़र्ज़ से ग़द्दारी करने वाले हैं तो पाकिस्तान की शाकिस्त हर हल्क़े में हो रही है।  मियां नवाज़ शरीफ शाहबाज़ और मरियम यह तो ज़ाफ़रानी दहशत,  मोदी और भारत के गुलाम हैं।  जैसा की अफ़ग़ानिस्तान में अशरफ़ ग़नी था।  मोदी का ग़ुलाम।  लेकिन तालिबान के आते ही अफ़ग़ानिस्तान के हालात बोहोत बेहतर हुए हैं।  अफ़ग़ानिस्तान का रुपया और जीडीपी आज भारत से बेहतर है।  जबकि अभी तो तालिबान को आये महज़ ढाई साल ही हुआ है।  हालांके भारत के ज़ाफ़रानी दहशत, मोदी और भारत ने तालिबान को लुभा कर इस्लाम, मुसलमानों और पाकिस्तान की पीठ में खंजर घोपने की भरपूर कोशिश की लेकिन मोदी, भारत को हर वक़्त मुँह की खानी पडी और ज़लालत हाथ लगी।

नाज़रीन जब तक पाकिस्तान के हाकिम मुजाहिद इमरान ख़ान थे तो तमाम इस्लाम और पाकिस्तान दुश्मनों के पेट में दर्द होता रहता था।  और पाकिस्तानी क्रिकेट टीम की इमरान ख़ान के वज़ीर ए आज़म होते हुए कभी भी दज्जाल भारत और उसके दहशतगर्दों से शाकिस्त नहीं हुई। २०२१ में पाकिस्तान पहली बार दज्जाल और ज़ाफ़रानी दहशतगर्दों को वर्ल्ड कप में हराने में कामयाब हुआ था।  इतना ही नहीं पाकिस्तानी टीम ने तमाम ज़ाफ़रानी दहशतगर्दों को मौत की नींद सूला दिया और अपना एक भी फौजी हलाक नहीं होने दिया।  १० विकेट से फ़तह।

दरअसल में पाकिस्तानी क्रिकेट टीम और उनके अवाम पर भारत, मोदी और ज़ाफ़रानी दहशत को महसूस कर सकता हूँ जिसने पकिस्तानिओं को एक कमज़ोर इंसान के मानिंद भारत के आगे झुकने पर मजबूर कर दिया है।  इस मुद्दे पर ऑस्ट्रेलिआ की सरहाना करना होगी उनके पादरी फादर ग्रैहम स्टैन उनके दो मासूम बच्चों फिल्प १० साल और लुइस ६ साला को हिन्दू हुजूम और दहशतगर्द दारा सिंह ने बेदर्दी से ज़िंदा आतिश ए नार कर दिया था।  अपनी जान बचाने के लिए जब वोह बहार आना चाहते थे तो ज़बरदस्ती उनको डंडों से वापिस से गाड़ी में ठूस दिया।  जिसके चलते उन मासूमों की मौत हो गई।

उसका बदला आज तक ऑस्ट्रेलिआ ज़ाफ़रानी दहशतगर्दों से पीट पीट कर ले रहा है।  और हर वक़त भारत के तमाम हिन्दू दहशतगर्दों को ऐसे ही बेदर्दी से अज़ीयत दे कर हलाक कर रहा है जैसी की हिन्दू आतंकिओं ने बेदर्दी से फादर को मौत दी थी।

दरअसल यह तो पाकिस्तानियों की कमज़ोरी और हाकिम की भारत ज़ाफ़रानी दहशत से गुलामी का सबूत है की ज़ाफ़रानी दहशतगर्द भारत की जानिब से पाकिस्तान को हर मुद्दे पर ज़बरदस्त झटके लग रहें हैं।  भारत के मुसलमान हर दुसरे रोज़ हिन्दू दहशतगर्दों हुकूमत की गोली का शिकार हो रहे हैं मारे जा रहें हैं फिर भी पाकिस्तानी टीम भारत से मौजूदा दौर में कभी नहीं जीत पाई।  यह कमज़ोर पाकिस्तानी इस हालत में हैं ही नहीं की वोह भारत से पकिस्तानिओं की मौत और ज़लालत का बदला ले सकें।  जो उनको रॉ और हिन्दू दहशतगर्दों की साजिश की वजह से मिलती है।     

पाकिस्तानी जब अपनी क़ौम की मौत का बदला दुश्मन से नहीं ले सकतें हैं तो भारत की ज़ाफ़रानी हुकूमत के ज़ारिये मुसलमानों पर होने वाले मज़ालिम, मौत का कैसे बदला लेंगें।

नवाज़ शरीफ शाहबाज़ तो भारत के ग़ुलाम थे और वोह भारत से ख़ौफ़ज़दा होते थे जबकि इमरान ख़ान से मोदी भोगी योगी और ज़ाफ़रानी दहशत ख़ौफ़ज़दा था तभी उनको तकलीफ़ दी गई।   उन्होंने अमेरिका, भारत और इजराइल के सामने झुकने से इंकार कर दिया और पाकिस्तान पाकिस्तानियों की अज़मत विक़ार को सर ए फेहरिस्त रखा। 

आज ज़ाफ़रानी मीडिया को जो अंगार इमरान ख़ान से लगती है वोह वजह ही वही है हर मुद्दे पर भारत के वजूद और इंटरेस्ट को ज़बरदस्त झटका दिया था। 

अगर ज़ाफ़रानी, यहूद दहशत घबराता है तो वोह नाम इमरान से घबराता है।

सहाफ़ी ज़ुबेर

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