Sunday, 7 November 2021

बड़ा बेआबरू हो कर दुबाई के कूचे से भारत निकला।

 अज़ीज़ नाज़रीन,

 जिस तरह मोहब्बत और नफरत का एक पैमाना होता है, उसी तरह इंसान के खुशी और ग़म का पसंद और नापसंद एक पैमाना होता हैं।  ना तो मोहब्बत में किसी का ज़ोर होता है और ना ही इज़हारे खुशी पर किसी का ज़ोर होता है।   जिस तरह एक आशिक़ का दीदारे यार दुनियां की हर नेमत से हर नज़ारों से अफ़ज़ल होता है जिसका आस्क माशूक़ के चेहरे पर साफ़ दिखाई देता है।  उसी तरह खुशी इंसान के चेहरे पर रवां तास्सुरात से ज़ाहिर हो जाती है। 

जिस तरह पाक टीम की भारत पर फतह को इन्तेख़ाबी मोहीम बना कर मुस्लिम और कश्मीरी तालिबे इल्मों को हरासा किया गया उनको गिरफ्तार किया गया तब आज तक की गिरफ्तारी की उन ख़बरों में से एक खबर पर नूज़ीलैण्ड के मैच से क़ब्ल इस सहाफी ने अपने एक तास्सुरात में कहा था।   अब बात पाक की जीत पर इज़हारे खुशी तक महदूत नहीं रह गई, बरक्स अब भारत जब भी किसी भी टीम से हारेगा हम खुशी का इज़हार करेगें।   चलो करो गिरफ्तार।

अब जब अफ़ग़ानिस्तान तालिबान ने भारत को इस्लामिक ज़मीन से धक्के मार कर निकाल दिया।  तो हम इस खुशी को कैसे फरामोश कर सकते थे।  हम तो खुशी भी बनायेगें और पटाखे भी छोड़ेगे।  बागी ज़ाफ़रानी गुलाम तैयार कर रहें हैं।  हम भारत की ज़लालत पर उसकी हार पर सेमी फ़ाइनल से धक्के मार के हाकल दिए जाने पर खुशी का इजाहर करते हैं। 

जैसे ही अफ़ग़ानिस्तान तालिबान ने भारत को दुबाई से धक्के मार कर हकाला खारघर में पटाखों और धमाकों की बाढ़ आ गयी।  अवाम दिवाली की खुशी में पटाखे छोड़ रहे थे और हम अफ़ग़ानिस्तान ने भारत को पछाड़ दिया और सेमी फ़ाइनल की उम्मीद को तबाह कर दिया फोड़ दिया उस खुशी में पटाखे छोड़ रहे थे।  

सदा भारत के ज़ाफ़रानी लंगूर और सियासतदान पाक के लिए अदना दर्जे के ज़ुबान का इस्तेमाल करते थे।  ना सिर्फ हर वर्ल्ड कप के मैच से क़ब्ल बल्कि दुसरे मैचों में भी पाकिस्तान की तनक़ीद करना भारत को अफ़ज़ल तरीन तसव्वुर करना, पाकिस्तान की टीम का मखौल उड़ाना।   भारत की टीम दीगर टीमों के रन रेट की वजह से कहीं इस टीम की जीत की दुआ कही उस टीम की जीत की दुआ लेकिन रूस्वाई जो भारत की तक़दीर में लिख दी गई थी वोह हुआ।  ज़ाफ़रानी और दीगर सियासत को हर मुद्दे पर  पाकिस्तान याद आ ही जाता है. इनकी पाकिस्तान से नफरत उस हद तक ऊपर पहुंच गई है की अगर भारत में तेज़ तूफ़ान बारिश और आग लगेगी तो उसमे भी इनको पाकिस्तान का हाथ ही नज़र आएगा। 

असदुद्दीन बोलतें हैं की पाकिस्तान की भारत से नफरत का पैमाना उस हद तक बड़ा हुआ है की हर चीज़ में उनको भारत नज़र आता है।  वही बात भारत के ज़ाफ़रानी और शिद्दत पसंदों यहाँ तक की कांग्रेस और खुद असदुद्दीन जैसे मुसलमानों पर लागू होती है।   भारत को हर चीज़ में पाकिस्तानी दिखाई देतें हैं।   हर मुद्दे को पाकिस्तान की जानिब मोड़ देना भारत की अवाम को आता है।   इनकी पाकिस्तान से नफरत उस हद तक बढ़ चुकी है की हर जानिब इनको पाकिस्तान ही नज़र आता है।  हर मुद्दे पर पाकिस्तान ही नज़र आता है।

इससे क़ब्ल तालिबान ने काफिर शिद्दत पसंदों, दहशतगर्दों, ज़ाफ़रानी ज़ालिमों (बीजेपी) मोदी गुलामों को धक्के मार कर अफ़ग़ानिस्तान की सरज़मीं से निकाला और अब अफ़ग़ानिस्तान ने दुबाई से हकाल दिया।

Zuber

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