बीजेपी के
सयासी उजाले
में क़ाबिज़
हिन्दू दहशतगर्दों
को बतौर हिदायात ज़ुल्म,
तशद्दुत्त की तमाम क़ुव्वत और ताक़त
फ़राहम कर
रही है
जो इंसानियत
को फिर से ५ साल
बाद दहशत के साये
में जीने
को मजबूर
कर रही
है. इन
दहशतगर्दों को
बेल्ट , पथ्तर या डंडे से
तीसरे दर्जे
की निहायत
जाहिलाना और
अज़ीयत भरी
मार पीट
करने की
पूरी कूव्वत, ताक़त और आज़ादी
फ़राहम है.
जो अवाम
को मुतवातिर
खौफ और
दहशत के
साये में
जीने को
मजबूर करने
का एक
हुनर है (जिनमे
शामिल हैं
मुस्लिम, दलित और
क्रिस्टी). अगर
इन दहशतगर्दों
के दिलों
दिमाग़ के
अंदर पेवस्त
किया गया आलूद, ग़र्द
और गुबार
इनके जिस्म
की दर्जे हरारत को मज़ीद
गर्म कर
देता है
तो ये
लोग मुस्लिम
और दलित
अवाम का
क़त्ल तक
कर डालतें
हैं.
खबर बरेली उत्तर
प्रदेश से
निहायत ज़ालिमाना
मार पीट
की आ
रही है. यहाँ
एकम जून
२०१९ को
कुछ मज़दूर
एक दरख़्त
की साया
में बैठ
के खाना
खा रहे
थे. तभी
कुछ ८
से ९
ज़ाफ़रानी गुंडों
ने ज़बरदस्त हमला कर के दहशत
फैला दी.
इन ज़ाफ़रानी
देहशातियों ने इन
लोगों की
बेल्ट, लातों, घूसों और
थप्पड़ों से
ज़बरदस्त पिटाई
की. हमलावरों
में से
एक चिल्लाता
है वीडियो फिल्म शूट
करो और
सोशल मीडिया
पे भेजो. इस
बात से
ये साबित
हो जाता
है इनका
मक़सद अवाम के एक ख़ास
तपके में दहशत
फैला के
उनको ख़ौफ़ज़दा
करना था, ताके वो
गाये के ज़बीहे और
उसका गोश्त
खाने यहाँ
तक की
नॉनवेज खाने से
भी अपने
आपको किनाराकश
कर लें.
गाये का
ज़बीहा उत्तर
प्रदेश में
पूरी तरह
से बंद है.
लेकिन भैस, बकरी
या मुर्गी
के ज़बीहा
या उसके
गोश्त को
खाने पे
कोई पाबन्दी
नहीं है. फिर
अगर कोई
भेंसे का गोश्त
खाता है
तो क्या
हर्ज है, फिर
किस कानून के
तहत इन
ज़ाफ़रानी गुंडों
ने खाना
खाते हुए इंसानों पे दहशत दिखाई.
एन.डी.ऐ. १
में अवाम
को हर
वक़्त अपनी
जान और आबरू की फ़िक्र
रहती थी
और हर
वक़्त इस
शक वा शुबा
में मुब्तेला
हो कर
जीने को
मजबूर था
के कही
से कोई
हमला ना हो
जाए. अब
एन.डी.ऐ. २
में ये
साबित हो
गया की
हिंदुस्तान में
इंसान पुर
सुकून माहौल
में अपने
हक़ का
निवाला भी
नहीं खा
सकता है.
३१
मई २०१९
को दहशतगर्द
ओरत ने
पुलिस को
धमकी खैज़ अंदाज़ में अपने नापाक और शैतानी इरादे ज़ाहिर कर दिए थे .
जब उसने मुसलमानों पे सख्त हिकमते अमली करने का मुतालबा पुलिस से किया था.
वो कहती है मुसलमान रमज़ान में
अपने खाने में
गोश्त की
मिक़्दार शदीद
तरीन तरीके
से बढ़ा
देतें हैं.
उसने मज़ीद
कहा वो
दिन में
रोज़ा रखतें
हैं और
मुर्गी, गोश्त और
बड़े के
गोश्त को
ज़्यादा खाते
हैं ताके उनको
खोई हुई
क़ुव्वत और ताक़त
वापिस फ़राहम
हो सके. उसने
पुलिस को
पुलिस स्टेशन
में मज़ीद
धमकाया अगर
पुलिस ने
नॉन वेज खाने वालो
के रोज़गार
को महदूत
नहीं किया
या रोड
पे मुर्गी
ज़िबह करने
वालों पे
पाबन्दी नहीं लगाईं
तो हम
और अवाम
बहार निकल
के ऐसे
लोगों को
सबक़ सिखाएंगे
जो अम्नो अमान की सूरत का
मसला बनेगा
और तुम्हारे
लिए सख्त
होगा उसको
इख़्तियार में करना.
३१ मई
२०१९ को
दहशतगर्द ओरत
ने पुलिस
को धमकी दी और १ जून को ज़ाफ़रानी हमला होता है.
Brutality on Humans.
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