Friday, 24 May 2019

पाकिस्तानी सईद की हिंदुस्तानी दहशतगर्द बेगम पहुंची अपने अड्डे.

अब हुकूमते हिन्द के सियासी अड्डे पे हिन्दू देहशदगर्द फ़ाइज़ होंगे.  जिन लोगों को तालीम का मतलब नहीं मालूम और तालीम से कोसो दूर हैं जो लोग क़लम पकड़ना नहीं जानते, वो लोग कानून साज़ों की कुर्सी पे बैठेंगे और दिल्ली के जो असली माहिरे तालीम हैं उनको बहार का रास्ता दिखाया गया.  जो लोग एक आई.पी. अस. अफसर की उस दहशतगर्द के खिलाफ हिकमते अमली और कारगरदेगी को उनकी शहादत से जोड़ के देखती है और उसको अपनी बद्दुआ तस्लीम करती है अब ऐसे लोग दिल्ली में अड्डे पे नज़र आएंगे.  ऐसी दहशतगर्दाना ज़ेहनियत और आलूद तो तक़रीबन ज़ाफ़रानी पार्टी के हर कारकून और कानून साज़ों में भरा पड़ा है अलबत्ता उस ज़हर और मवाद का असल मुज़ाहेरा कुछ ही दहशतगर्दों ने किया है जिसकी वजह से अनगिनत बेक़ुसूर अवाम की हलाकत हुई.   

इस उधेड़ बून में एक बात बिलकुल वाज़े हो जाती है की पाकिस्तानी अवाम हिंदुस्तानी अवाम से हज़ार गुना सूझ बूझ वाला और तालीमी आफ़ता दहशतगर्दी के खिलाफ सिफर रवादारी रखने वाला साबित हुआ.  जिस अवाम ने सिर्फ दहशतगर्दी के इलज़ाम आफ़ता शक्स पे भरोसा नहीं किया और उसको बहार का रास्ता दिखया वहीँ हिंदुस्तानी अवाम ने एक देशतगर्द को अड्डे तक  पहुंचाया जो बम विस्फोट में मुलव्विस है, और दिल्ली की तालीम साज़ को बहार का रास्ता दिखाया.  पाकिस्तानी अवाम की सूझ बूझ और तालीम भले ही भारीतय अवाम से कई गुना बेहतर हो लेकिन दहशतगर्दी के मामले में पाकिस्तानी सईद और उनकी हिन्दू बेगम की कारगरदेगी और शबाहत तक़रीबन एक जैसी हैं.

१.      पाकिस्तानी सईद मज़हबी रहनुमा हैं वही उनकी हिन्दू दहशतगर्द बेगम हिन्दू मज़हबी रहनुमा है.
२.     पाकिस्तानी सईद के ऊपर चार्जेज लगे लेकिन साबित नहीं हुए वहीँ उनकी हिन्दू दहशतगर्द बेगम के ऊपर अभी केस चल रहा है.
३.     पाकिस्तानी सईद के दिलों दिमाग में आलूद है वही उनकी हिन्दू दहशतगर्द बेगम के दिलों दिमाग में ना सिर्फ आलूद है बल्कि उसका इस्तेमाल भी किया है.

मज़ेदार है अब भारतीय पार्लियामेंट (अड्डे) से ऐसे ऐसे कानून साज़ निकलेगें जो अपनी इन्तेख़ाबी मरकज़ में अवाम का काम करवाने के लिए बम और बन्दूक ले कर जाया करेगें.  और हुकूमते हिन्द के ज़ेरे क़ियादत काम करने वाले मुलाज़िमों को बंदूक दिखा कर बोला करेगें.

         "ऐ शियाने चल अपुन का ये काम कर डाल, नहीं तो १२ की १२ भेजे में उतार दूँगी."

कहीं गलती से ऐसी दहशतगर्द को कानून मंत्री बना दिया तो वो अदलिया को एक ख़ास ज़ुबान में तब्दील कर डालेगी.  फिर कुर्सी पे बैठे जज मोहतरम मुजरिम से पुछा करेगें. 

    "अपुन तेरे को पूछता है, तूने गुनाह कियाला है या नहीं" 

फिर ऐसी दहशतगर्दाना ज़ेहनियत सबसे पहले क़ानून पास करवाईगी की बम रखना, बम फेकना और उसको बनान गैर क़ानूनी शेवा नहीं है.   क्योंकि जो इंसान जिस माशरे में रहता है, जहाँ पे पला बड़ा होता है वो उस अवाम और उस तालीम का भरपूर ख़याल रखता है. 

उतना ही नहीं अगर किसी सर फिरे हुकूमते हिन्द के मुलाज़िम ने उसकी ग़ैर कानूनी और हिन्दू दहशतगर्द को ताऊन करने की बात नहीं मानी तो वो बद्दुआ खैज़ होगी और बाद में बोलेगी की मेरे शार्प से उस अफसर की वाट लग गई.

खैर हम तो अगले ५ साल खूब नूरा कुश्ती देखेगें, और हर मज़ाक पे लुफ्त अन्दोज़ होंगे.  फिर इन सब भगवाधारियों की चड्डी काली हो या खाकी  उससे कुछ फ़र्क़ नहीं पड़ेगा बल्कि उनकी ज़हरीली दहशतगर्दाना ज़ेहनियत तो दिखेगी ही.

See in English

Hindustani Terror Wife of Pakistani Saeed reached to the haunt.

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