अज़ीज़ नाज़रीन,
एक और मुस्लिम बच्ची हिन्दू दहशतगर्दों के जाल भगवा लव ट्रेप में फंस कर मौत की आग़ोश में चली गई। ख़बर ज़ाफ़रानी दशहत की पनाहगाह सूबे शुमाल के पीलीभीत से है। पूरी घटना जहानाबाद थाना ज़ेरे इंतज़ाम से है। यहाँ की रहने वाली ज़किरा अपने अहल ए ख़ाना समेत नेपाल में मजदूरी करने गई हुई थी. जबकी, ज़किरा की दुखतर शीरी पीलीभीत में ही अपने दादा-दादी के पास रहती थी. गुजिश्ता १३ अप्रैल को शीरी की मशकूक हालात में मौत हो गई थी और १४ अप्रैल को उसकी जसत को दफ़ना दिया गया था.
पुलिस की कहानी में पूरी तरह से झोल है जैसा की खाकी दहशत से मुत्तासिर सूबे का वज़ीर और उसकी पुलिस ने अज़ीम साबिक़ सियासतदां भाई अतीक़ के फ़रज़न्द के फ़र्ज़ी एनकाउंटर कहानी घड़ी थी और असली हिन्दू दहशतगर्दों को बचा लिया था। पीलीभीत में एक मुस्लिम बच्ची शीरी के हिन्दू पुलिस कॉन्स्टेबल को बचाने की कहानी भी वैसी ही है जैसी के हापुड़ के क़ासिम के हूजुमी दहशतगर्दों को बचाने की थी और क़ासिम एक मोटर साइकिल हादसे में मारे गए थे ना की किसी ने उनके साथ हूजूमी दहशत की थी। लेकिन जब आला सतह पर तफ्तीश हुई और मामला अदालत तक पहुंचा तो १२ हिन्दू दहशतगर्द हूजूमी दहशत के मुजरिम पाए गए और उनको ता उम्र क़ैद की सज़ा हुई।
मुस्लिम बच्ची शीरी के क़तल में पुलिस ने उनके मंगेतर को ही मुजरिम क़रार दे कर जेल भेज दिया जबकी भगवा लव ट्रैप में शीरी को जिन्सी ग़ुलाम बना कर अपने साथ रखने की ज़िद करने वाले यूं पी पुलिस के कॉन्स्टेबल राजकुमार जो की भगवा लव ट्रैप का मेंबर भी है उसको बचा लिया।
जो मालूमात हासिल हुई है उसके मुताबिक़ शीरी और उनके मगेतर मोहम्मद साहिम दोनों आपस में मोहब्बत करते थे और जल्द ही उनकी शादी होने वाली थी। इस दौरान राजकुमार नामक हिन्दू दरिंदे की गंदी और ग़लीज़ नज़रे शीरी के ऊपर पड़ी और उसने उसकी पूरी तहक़ीक़ात निकाली। जब उसको पता पड़ा की लड़की अकेली है और बूढ़े दादा दादी के पास रहती है तो उसने दीगर हिन्दू लड़कियों को उस से दोस्ती करवाई। इस साजिश में वोह लड़किया भी शामिल हुई अभी तक यह नहीं मालूम पड़ पाया है की वोह लड़किया हिन्दू दहशतगर्दों की मस्तूरात विंग दुर्गा वाहिनी से ताल्लुक़ रखती थी या नहीं।
बारहाल जब बच्ची इस झूठे ज़िम्नी दोस्ती के जाल में फँस गई तब उस दरिंदे भगवा लव ट्रेप के दहशतगर्द का काम आसान हो गया अब उसने उस मुस्लिम बच्ची से नज़दीकिया बड़ाई। और उसपर जिन्सी ताल्लुक़ात क़ायम करने के लिए दबाव डालने लगा। जिस रोज़ उस दरिंदे ने शीरी का क़तल किया उस रोज़ उसने अपने मंगेतर मुहम्मद साहिम को बुलाया था जब वोह घर पहुंचा राजकुमार अपनी पुलिस की धौंस दिखा कर हमेशा की तरह बच्ची के साथ छेड़ छाड़ कर उसको तंग कर रहा था। शीरी सारी बातें अपने मंगेतर मुहम्मद साहिम को बता चुकी थी।
जब साहिम शीरी के बुलाने पर घर पहुंचा तो क़ातिल पुलिस वाला हिन्दू भगवा लव ट्रेप का मुजरिम लड़की को धमका रहा था इस बार राजकुमार गवाह बनाने के लिए अपने साथ एक और जोड़ी दार को ले गया था।ताके वोह शीरी से शादी की बात कहे और दुसरे को गवाह बना ले। उसके ऊपर साहिम ने पुलिस में शिकायत करने की बात कही और वहां से चला गया। उसके बाद राजकुमार और उन हिन्दू लड़कियों ने शीरी का क़तल कर दिया और उसकी लाश को वहीँ दफ़ना दिया।
जब लड़की के वाल्दैन
पीलीभीत पहुंचे और छान बीन की तो उनको हिन्दू दहशतगर्द और भगवा लव ट्रेप के मुजरिम क़ातिल राजकुमार का मोबाइल मिला जिसमे उन लड़कियों की तस्वीरें भी थी जो शीरी की दोस्त
बनती थी। दरअसल यह एक जाल है ऐसे ही मुस्लिम
कमसिन बच्चिओं को हिन्दू लड़कियां दोस्ती कर के अपने जाल में फंसाती है फ़िर उनको हिन्दू
भगवा लव ट्रेप के दरिंदों के हवाले कर देती हैं।
पुलिस ने पहले पुलिस
कॉन्स्टेबल राजकुमार और दीगर ४ हिन्दू लड़के लड़कियों को गिरफ़्तार किया था। बाद में उनको छोड़ दिया और केस का रूख शीरी के मंगेतर
और आशिक़ की जानिब मोड़ कर उनको ही मुजरिम बना कर जेल में डाल दिया और गिरफ़्तार किये
गए हिन्दू दरिंदों को छोड़ दिया।
सहाफ़ी
ज़ुबेर
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