Tuesday, 22 November 2022

शैतानी क़दमों की मनहूसियत अब इंडोनेशिया में ज़ाहिर हुई।

ना मानों ज़ुबेर की सीख ले कर ठीकरा मांगों भिक। 

अज़ीज़ नाज़रीन,

सहाफ़ी जुबेर ने ज़ालिम दरिंदे कसाई जल्लाद दहशतगर्द मोदी के बारे में २०१४ से हर वक़्त लिखा है की यह शैतान की नस्ल वाला शक़्स मनहूस है और इसके क़दम जिस ज़मीन पर पड़ेगें वोह तबाह हो जाएगी।  इस ज़ालिम शैतान दरिंदे मोदी की २०१४ में भारत पर बंदूक और बर्बरियत से क़ाबिज़ होने के बाद सबसे पहली सिफारती दौरे के बाद नेपाल में ज़बरदस्त ज़लज़ला आया था जिसमे कमो बेश २००० अफ़राद जहांबाक़ हुए थे।   उसके बाद हर वक़्त मज़मून कुशाई की है और सिलसिले वार बताया है की मोदी जिस जिस मुल्क में पहली दफा दौरे पर गया वहां पर आफ़त आई। 

मौत के सौदागर मोदी के मनहूस क़दमों और उसके जाने के बाद आने वाली आफत की इस कड़ी में अब इंडोनेशिया का भी नाम दर्ज हो गया है।  गुजिश्ता हफ्ते दरिंदा जल्लाद ज़ालिम शैतानी मरकज़ का हामी मोदी G-२० इजलास में गया था।  महज़ एक हफ्ता भी नहीं गुज़रा की उस शैतान दरिंदे मौत के सौदागर के मनहूस क़दमों के नताइज मिलने लगे। 

जहाँ इंडोनेशिया के एहम जज़ीरे जावा में बरोज़ पीर को आए ज़बरदस्त ज़लज़ले के सबब रिहायशी इमारतें गिर गई।  इस सानेहा में अभी तक कम से कम १६२ अफ़राद के हलाक होने की इत्तेला है और कई हज़ार मलबे में दबे होने का खदशा।  ज़लज़ले से दर्जनों इमारतें तबाह हो गई और अवाम अपनी जान बचाने के लिए सड़कों और गलियों में भागते देखे गए।  इस हादसे में कई हज़ार अफ़राद ज़ख़्मी हुए हैं।  

जावा के गवर्नर रिदवान कामिल ने बताया 'मरने वालों में ज्यादातर बच्चे हैं।' उन्होंने बताया कि ज़लज़ले के वक्त पब्लिक स्कूलों में पढ़ने वाले ज्यादातर बच्चे अपनी पढ़ाई खत्म होने के बाद दिगर तालीम ले रहे थे।

नाज़रीन २०१८ में इस सहाफ़ी ने सिलसिलेवार अपने मज़मून में तहरीर किया है की दरिंदा शैतान पनोतीबाज़ मौत का सौदागर मोदी जिस मुल्क में पहली बार गया उस मुल्क में किस तरह की कुदरती आफत आई।  इतना ही नहीं मौत के सौदागर मोदी ने भारत के जिस जिस सूबे का २०१४ के बाद दौरा किया उस सूबे में तबाही आई है।  चाहे वोह कश्मीर का सैलाब हो या मगरिबी बंगाल का तूफ़ान या केरला की बारिश जिसके सबब १५०० अफ़राद हलाक हुए थे। 

में तमाम इस्लामिक और क्रिस्टी मुमालिकों से गुज़ारिश करना चाहूंगा इस शैतानी अमलियात के माहिर दरिंदे आतंक के आक़ा को अपनी सरज़मीन पर हरगिज़ हरगिज़ दाख़िल ना होने दें नहीं तो यह पनोतीबाज़ शापित इंसान उस ज़मीन को तबाह कर देगा।  हक़ीक़त में भारत और उसके दहशत के आक़ा मोदी को सियासी, समाजी और माशी अछूत बना दो।  ना किसी भी आलमी हल्क़े में इसको मदू किया जाए और ना ही उसको अपनी बात कहने का हक़ दिया जाए।  ऐसे मुल्क और उसके दहशतगर्द सरबराह के तमाम हुक़ूक़ छीन लिए जाएँ जो इंसानी हुक़ूक़, अक़लियती हुक़ूक़, मज़हबी हुक़ूक़ की ख़िलाफ़वर्ज़ी करता हो।  भारत जैसे दहशतगर्द और इंसानी हुक़ूक़ का क़ातिल, अक़लियतों की नस्ल कूशी करने वाले मुल्क के ऊपर सख़्त तरीन पाबन्दी लगाने की ज़रुरत है। 

Zuber

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