अज़ीज़ नाज़रीन,
जिसकी तवक़्क़ो की जा रही थी वही हुआ और भारत वर्ल्ड
कप क्रिकेट से बहार हुआ। नाज़रीन अब ब्रिटिश
टीम से बेदर्द धुलाई पर जराहत (ऑपरेशन) का हुआ आगाज़। लंगूर और लँगूरनियाँ कहीं इसको कहीं उसको मुरीदे
इलज़ाम ठहरा रहे हैं, लेकिन अपनी गिरेबान में नहीं देख रहें हैं। भारतीय टीम के कप्तान रोहित शर्मा ने शाकिस्त के
बाद इस बात का इक़रार किया की वोह सख्त दबाव को नहीं झेल पाए और शाकिस्त हुई।
नाज़रीन जिस अंदाज़ में लंगूर और लँगूरनियाँ जराहत
(ऑपरेशन) कर रहें हैं। शाकिस्त की असली वजह
तो यही ज़ाफ़रानी मीडिया के ग़द्दार हैं जिन्होंने अपने मालिक को नफ़ा पहुंचाने और अपने
चेंनल की टी आर पी बढ़ाने के लिए इस क़दर दबाव की तामीर की थी की टीम भारत उसको फेस नहीं
कर पाई और अब घड़ियाली आंसू बहा रहें हैं।
नाज़रीन भारतीय टीम और खेल के लिए ग़द्दार भारत के अवाम को यह शाकिस्त दरअसल सज़ा भी है। लंगूर हर मुद्दे पर जंग की बात करतें हैं। ख़ास अगर मुक़ाबिल पाकिस्तान हो तो अलफ़ाज़ लंगूर लँगूरनियों को ज़हरीले हो जातें हैं अब पाकिस्तान से होगी जंग, भारतीय टीम पाकिस्तान से भिड़ेगी, भारतीय टीम पाकिस्तान को धुल चटाएगी वग़ैरा। फिर क्या लंगूर क्या भारतीय खिलाड़ी और क्या भारतीय अवाम सब खेल के साथ ग़द्दारी पर आमादा हो जातें हैं। अब तो पाकिस्तान से जीतना ही है नहीं तो होगी बदनामी। फिर उसमे बईमानी हो या गुंडागिर्दी या आतंक बस पाकिस्तान से जीतना ही भारतीय खिलाड़ियों का मक़सद हो जाता है।
भारतियों की इसी ग़लीज़ और गन्दी जंग वाली सोच और हमें हर हाल में पाकिस्तान से जीतना है, ने लीग मैच में पाकिस्तान से बईमानी से जीत दर्ज की थी। फिर मैच में फतह के बाद काफिरों ने उधम मचा डाला था इतने पटाखे फोड़े थे की रात भर नींद नहीं। लंगूर क़सीदे कस रहे थे। छोटी दिवाली पर ही कोहली ने बड़ी गिफ्ट दी और ना जाने क्या क्या। दहशतगर्द ज़ेहनियत शिद्दत ख़ून सुनील गवास्कर अपने खेल जज़बात से बरक्स नाचने लगा। अब उसमे थोड़ी सी भी खेल भावना होगी तो इंग्लैंड ने जो धोया है तमाम काफिरों को क़तल किया है और अपना एक भी क्रिस्टी फौजी नहीं हलाक होने दिया तो अब नाचे और दिखाए खेल भावना कियोंके यह खले की जीत हुई है।
पाकिस्तान के साथ बईमानी से जीते मैच पर मेने
२७ अक्टूबर को "क्रिकेट का खेल और हक़ीक़ी
हालात।" नाम के उन्वान के साथ मज़मून लिखा है उसमे साफ़ यही बोला गया है की जुव्वे
में चीटिंग कर के जीत तो गए थे कौरव लेकिन उसके बाद उनकी क्या हालत हुई थी तड़प तड़प
बेदर्दी से हलाक हुए थे। और जिनके साथ बईमानी
हुई है उनको कुछ नसीहतें कही थी। हो गया वाटोला। अब भारत के ५ हिस्सा चाहिए।
भारत की शाकिस्त पाकिस्तान के साथ की गई बईमानी की सज़ा
है कियोंके भारत पाकिस्तान से बईमानी से जीता था।
नहीं तो तमाम काफिर १२० पर ढेर हो गए थे।
जिस कोहली को बड़े बड़े मरआत से नवाज़ रहे थे लंगूर वोह आउट हो गया था लेकिन घुटनों
से ऊपर बोल को नो दे दिया। फिर फ्री हीट पर भी आउट था मतलब रब ने दिखा दिया की उसको
आउट ही देना था बईमानी हुई है। तीसरी बात ३
रन छोटे छोटे लिए। अगर एम्पायर ग़ैर जानिबदार
होता तो १ ही रन बना है ऐसा बोलता। लेकिन एम्पायर
को ही फोड़ लिया था अब ख़ुद फुट गए।
इतना ही नहीं पाकिस्तान को उस बईमानी से दी गई शाकिस्त पर लंगूर-लँगूरनियाँ अवाम ने उधम मचा डाला था जैसे की हक़ीक़ी जंग फतह हो गई होगी। बस इनके दिलों दिमाग़ में हर वक़्त पाकिस्तान ही गर्दिश करता रहता है। जिस कोहली को एशिया कप में भद्दा मुज़ाहेरा करने पर दुआ दी थी उसके फ़ौरन बाद आखिर मैच में खूब चमका था उसका बल्ला। इतना ही नहीं उसका खोया हुआ फॉर्म वापिस लौट आया लेकिन दुआ इंसानियत के नाते दी थी बईमानी करने के लिए नहीं। या किसी भी फ़रीक़ को दहशत में डाल कर अपना नफ़ा लेने के लिए नहीं दी थी। तुमने बईमानी की और आउट होने के बाद भी नॉट आउट का दबाव बनाया तो उसका ख़मयाज़ा भुगता।
भारतीय अवाम हर वक़्त ग़द्दार ही होतें हैं। सियासत में आयेगें तो एवान में ऊल जलूल ख़िलाफ़े दस्तूर बिल बनायेगें। हूकूमती ओहदों पर होंगे तो अपने फ़र्ज़ से ग़द्दारी करेगें। सहाफत में होंगें तो झूटी सच्ची ज़हरीली खबरे चलायेगें। मैदान में ख़ेल भावना से ग़द्दारी करेगें। अवाम तो सदा एक तरफ़ा ही फैसला करता है उसको भारत की हार क़त्तई तस्लीम नहीं सिर्फ जीतते ही देखना चाहता है। अब अज़ीम खिलाड़ी भी अगर पाकिस्तान से महज़ लीग मैच में भारत ने फतह हासिल कर ली तो ज़हरीली बोली बोलने लगेगें तो होना वही है जो होता आया है।
No comments:
Post a Comment