।।
दम घुटा जाता है बंद कमरों में, खिड़कियाँ खोलें तो ज़हरीली हवा आती है ।।
२०१४
के बाद जब से भारत धीरे धीरे आतंकिस्तान, लचिस्तान बना जिसकी वजह से हवा ज़हरीली और
ज़हरीली होती चली गई। हालांकि ये ज़हर सबसे पहले
मिडिया के एक धड़े के अंदर पेवस्त किया गया था, जबकि मीडिया को प्रजातंत्र का ४था सतम्भ
कहा जाता है लेकिन २०१४ से पहले ही सभी मीडिया हाउसेस को खरीद लिया गया था. फिर वो मीडिया का ग्रुप न रह कर बन गए गेंग गुंडों,
मवालिओं, साम्प्रदाइक मानसिकता और आतंकिओं की हमराह लोगों की गेंग. इस पत्रकार ने २०१५ में उन पत्रकारों को लंगूर और
२०१८ में उन मिडिया हाउसेस को ९ बजे वाली गुंडों की गेंग का नाम दिया है.
आखिर
में ये ज़हर पंहुचा शिक्षा के मंदिरो में जहाँ बच्चे किसी भी मज़हब और समाज के भेदभाव
के बिना शिक्षा लेने आते है. और शिक्षक जिसके ऊपर सभी बच्चो को समान अवसर देने की ज़िम्मेदारी
होती है वो होता है उन बच्चो का पालक.
पहले
संघ ने अपने आतंकी प्रशिक्षण केंद्रों पे मासूम बच्चो के ज़ेहन में मुग़ल, मुस्लिम और
क्रिस्टी समाज के खिलाफ ज़हर भरा, फिर भगवा
प्रशसन ने मुस्लिम समाज के खिलाफ नाइंसाफी और भेद भाव की बारिश की उसके बाद संघ के
आतंकिओं ने मुस्लिम नवजवानो को मौत के घाट
उतारना शुरू किया.
२०१५
के ख़त्म होते और २०१८ आते आते स्कूलों में शुरू हुआ भेद भाव और तास्सुब का नंगा खेल,
स्कूलों में मुस्लिम बच्चो के ऊपर शिक्षकों का भगवा आतंकी ज़हर अब खुल के निकलने लगा
है. मुस्लिम बुर्का पोश बच्चिओं को प्रिंसिपल तथा शिक्षक अकेले कमरे में बुला के उनके
साथ छेड़ खानी करते है और उनके निजी अंग को छूते है और बोहोत सी गंदगी करते है. प्रतिकार
करने पे उनको धमकाया जाता है के तुम्हारी ज़िन्दगी बर्बाद कर दी जायगी एग्जाम में फेल
कर देंगे. गुंडे तथा हिन्दू आतंकिओ को पीछे
लगा देंगे. २१वी सदी में जहाँ विदेशों में
महिलाये अपने देश का नाम रौशन कर रही है अमेरिकन महिला चाँद पे गई वही आतंकिस्तान में
मुस्लिम बच्चिओं को यौन प्रताड़ना का सामना करना पड़ता है वो भी किसी और से नहीं बल्कि
खुद शिक्षक से. हर रोज़ की योन प्रताड़ना से
हार के राजिस्थान, हरयाणा, उत्तर प्रदेश में कई मुस्लिम बच्चिओं ने स्कूल जाना छोड़
दिया.
दूसरी
घटना मुस्लिम मासूम बच्चो को हिन्दू शिक्षकों द्वारा ज़हरीली मानसिकता की वजह से ज़बरदस्त
पिटाई के चलते कई मुस्लिम बच्चो की मौत हो गई है.
हाल ही में २१ अक्टूबर को उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के चिल्ला थाना क्षेत्र
के सादीमदनपुर गांव में एक स्कूल के आरोपी शिक्षक जयराज की कथित पिटाई से तीसरी कक्षा
में पढ़ रहे अंरबाज (८) नामक छात्र की मौत हो गई।
किसी बात पर आरोपी शिक्षक जयराज ने उसे बुरी तरह पीटा था, जिससे उसका एक पैर
और कई पसलियां टूट गई थीं। वही दूसरी तरफ एक
नगर पालिका द्वारा संचालित हिंदी स्कूल के प्रिंसिपल ने हिन्दू मुस्लिम छात्रों के
लिए अलग अलग क्लास में बैठने की वयवस्था की.
हिन्दू बच्चो की क्लास में मुस्लिम बच्चे नहीं जा सकते और मुस्लिम बच्चो की
क्लास में हिन्दू.
आज
समूचा मिडिया लंगूर और लागूरनियाँ जिस तरह से मुगलिया सल्तनत, बाबरी मस्जिद, ट्रिपल तलाक़, मुस्लिम समाज, कश्मीर
के खिलाफ सघ और हिन्दू आतंकिओं द्वारा भरा ज़हर उगल रहा है वो आते समय में खुद उनके
देश के लिए मुज़िर साबित होने वाला है.
कश्मीर
मसले पे भी जिस तरह से मीडिया का दोहरा चरित्र सामने आता है उससे एक छेत्र विशेष के
बारे में समाज के मन में घृणा पैदा होती है और भ्रम कायम होता है जबकि स्तिथि जो कुछ
मिडिया बताता है वो पूरी तरह से अलग है. जिस
तरह से मिडिया हर कश्मीरी को आतंकी और भारतीय फौज को मुहाफ़िज़ बताती है वो सही नहीं
है. भारतीय फौज के ज़ुल्म और तशद्दुत का शिकार
हर दुसरे रोज़ कश्मीरी अवाम हो रहा है. नार्मल
कश्मीरी को गोली मार के आतंकी बोल दिया जाता है. यही तो शहीद बुरहान वानी के साथ किया
और यही मन्नान वानी के साथ. बुरहान को एनकाउंटर
में शहीद करने की बात भारतीय फौज ने कही है जबकि उनके आने और जाने के कई घंटो तक कोई
एनकाउंटर ही नहीं हुआ. उनको धोखे से भारतीय
फौज ने पकड़ा और जंगल में ले जा कर एक पेड़ से बाँध के गोलिओं की बौछार कर दी. जिस वक्त
उनका क़त्ल किया गया उनकी आँखों पे पट्टी बाँध राखी थी और दोनों हाथ पीछे की तरफ बंधे
थे. और ऐसी नपुंसक फौज के बारे में मीडिया
कसीदे कस्ती है.
कश्मीर का वो मेजर गगोई शायद ही कोई भूल पायेगा. उस ज़ालिम,
बलात्कारी, आतंकी मानसिकता के मेजर ने भी अनगिनत महिलाओ और बच्चिओं की बेबसी और
लाचारी का फायदा उठा के उनकी ज़िन्दगी बर्बाद की है. जिसमे से हाल ही में एक
मामले में उसको जेल हुई और उसका कोर्ट मार्शल हुआ. जिसके ऊपर इस पत्रकार ने
पूरी जानकारी निकाल के एक लेख लिखा है, के किस तरह उस मेजर की मासूम १६ साल की एक
कश्मीरी बच्ची के ऊपर निगाहें गन्दी हो गई थी. फिर उसने अपने गलीज़ इरादों को पूरा
करने के लिए उस बच्ची के ८ साल के भाई को पत्थर बाज़ी के झूठे इलज़ाम में गिरफ्तार
किया. जब बेहेन अपने भाई को बचाने की फर्याद ले कर उस बलात्कारी मेजर के पास
पहुंची तो उसने उसके भाई को छोड़ने के लिए बच्ची की अस्मत की शर्त रख दी.
वो बच्ची इतनी मजबूर थी के उसने अपने ८ साल के भाई जिसकी ज़िन्दगी शुरू भी
नहीं हुई है बर्बाद होने से बचाने के लिए उस बलात्कारी मेजर की शर्त मान ली.
फिर शुरू हुआ उस आतंकी का उस परिवार के ऊपर आतंक. वो आतंकी मेजर गोगोई रात
को १२ बजे २ बजे किसी भी समय आ कर उसका शोषण उसके माँ बाप के सामने करता
था. सोचो उन माता पिता के दिल पे क्या गुज़रती होगी जो अपनी मासूम १६ साल की
बच्ची को अपने ही घर के अकेले कमरे में जाते हुए देखते होंगे. लेकिन भारतीय
फौज ने आतंक इतना मचा दिया है की किसी में प्रतिकार की शक्ति ही नहीं बची है और सब
अपना नसीब और मुकद्दर समझ के सहते रहते है. और यही हालत बीजेपी और संघ समूचे
देश में लाना चाहती है .
लेकिन
उपरवाले को उस आतंकी को रूसवा करना था तो उसकी अक़्ल पे पत्थर पड़ गए और उसने
श्रीनगर में एक होटल में उस बच्ची को बुलवा भेजा इतना ही नहीं होटल के स्टाफ के
साथ मार पीट की और अपने ओहदे की रसूख दिखाई जब जा का मामला साफ़ हो गया के जिसको
सेना ने बहादुरी का तमगा दिया था और पुरस्कृत किया था असल में वो एक मजबूर महिला
का फायदा उठाने वाला डाकू है.
जब देश की बाग़ डोर
एसे बलात्कारी क्रूर ओर ज़ालिम फौज के हाथों में होगी जो एक मज़लूम मासूम बुरहान जैसे इंसान को सिर्फ इसलिए क़त्ल कर
देते है क्योंकि वो अपने हक़ की लड़ाई लड़ रहे थे.
जो एक मजबूर बच्ची के ८ साल के भाई को झूठे केस में सिर्फ इसलिए फसाते है क्योंकि
फौज की नियत उस १६ साल की बच्ची पे गन्दी हो चुकी है, तो क्या एसी बलात्कारी क़ातिल,
आतंकी फ़ौज पे हमको नाज़ होना चाहिये. क्या ऐसी बलात्कारी सोच रखने वाली फौज
दुश्मन की गोलिओं का मुकाबला कर पाएगी.
फिर
अगर भारीतय फौज मासूम और मज़लूम है तो काहे को यूनाइटेड नेशन की ह्यूमन राइट्स टीम
ने कश्मीरी अवाम पे भारतीय फौज के तशद्दुत और आतंक पे तशवीश ज़ाहिर की है. लेकिन सब चीज़ों से परे भारीतय मिडिया कश्मीरी अवाम
को ज़ालिम और फौज को मज़लूम दिखाने की कोशिश करती है. अरे कही फौज भी मज़लूम होती है उसका तो काम ही मार
काट मचाना है और ख़ास कर के जब फौज हिन्दू हो और सामने मुस्लिम और देश की सत्ता पे हिटलर
मानसिकता वाला क्रूर शासक हो.
भाग २ में जारी.....
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