तमाम
एहले इस्लाम और मुसलमानों को ईद - ऐ - क़ुर्बान की तहे दिल से मुबारकबाद. गाये क़ुर्बान कीजिये, बैल क़ुर्बान कीजिये, भैंस-पाड़ा,
दुम्बा-बकरा या ऊँट क़ुर्बान कीजिये. अल गरज़
हर उस जानवर की क़ुर्बानी दे सकतें हैं जिसको क़ुर्बान करने की इस्लाम में इजाज़त दी गई
है.
क़ुर्बानी
दिए बग़ैर मोमिन फरिश्ता नहीं होता,
नफ़्स
को मारे बग़ैर, मर्तबा हासिल नहीं होता.
फेंक
दो पत्थर उन शैतानो पर
वसवसों
पर काबू किये बग़ैर
ईमान
वाला
मंज़िले
मक़सूद तक नहीं पहुँचता.
आपका
अपना ख़ादिम