Sunday, 2 June 2024

जंग का अगला महाज़ खुलेगा हिंदुस्तान पाकिस्तान के दरमियान।

अज़ीज़ नाज़रीन, 

भारत में इन्तेख़ाब का ख़ुमार ख़तम हुआ उसके साथ ख़तम हुआ अक़ीदत मंदों के भगवान की ऊल जलूल बकवास का दौर, जिसको सुन कर ऊबकारी आने लगी थी।  ऐसा महसूस होने लगा था की अब यह शख़्स वक़ाई में ज़ईफ़ हो गया है और इसको किसी बेहतरीन नफ़्सियाती जर्राह या तबीब से राब्ता क़ायम करने की सख़्त ज़रुरत है।

नाज़रीन  जिस हिसाब से एग्जिट पोल के नतीजे आये हैं उसमे ज़ाफ़रानी महाज़ को ४०१ सीटें दिखाई गई हैं अगर वोह अदद हक़ीक़त नतीजों में तब्दील हो जातें हैं तो जंग का अगला महाज़ हिंदुस्तान पाकिस्तान के दरमियान खुल जाएगा।  जिस हिसाब से २०१४ की हिंदुस्तान की ग़ुलामी के बाद ज़हरीली कीड़े और मीडिया के ज़ाफ़रानी दरिंदों को पाकिस्तान बोहोत खटकता है हर मुद्दे पर पाकिस्तान के ऊपर अपना गुबार निकालते थे।  तो इंतेखाब में इस जीत के बाद सबसे पहली चीज़ कुछ होगी तो वोह पाकिस्तान के ऊपर हमला करने की होगी। 

वैसे भी जदीद इंडिया में हर वोह चीज़ जदीद हो चुकी है जो कभी बाहमी भाईचारे और पडोसिययों की मदद पर मबनी थी।  यहाँ तक की हिन्दू मज़हब की अक़ीदत भी तब्दील हो चुकी है और मोदी अब हिन्दू मज़हब का जदीद भगवान बन कर उभरा है।  फिर उसके फ़ैसलों को अकीदतमंद भी वैसे ही तसव्वुर करतें हैं जैसे की भगवान का फ़ैसला हो। 

वैसे तो हिन्दू मज़हब कई हिस्सों में बंटा हुआ है और एक नहीं लाखों भगवानों पर अक़ीदत है।  लेकिन जदीद भगवान मोदी के वजूद में आने के बाद मज़ीद हिन्दू मज़हब में कशीदगी बढ़ेगी।  जो हक़ीकत सनातनी हैं और राम के पुरशास्त्र पर यक़ीन रखतें हैं नाइंसाफीइंसानी खून बहाने किसी की हक़तलफी करने को गुनाह अज़ीम तस्लीम करतें हैं उनका भगवान मोदी के मज़हब और उसके अकीदतमंदों से सख्त टकराओ होता रहेगा।  कियोंके मोदी राक्षसों, ग़लीज़ विद्या, जादू टोना टोटका करके अपने मोदी मज़हब को फरोग दे रहा है।  जबकि सनातनी हिन्दू राम को मानाने वाले आला पाक तालीम, शफ़्फ़ाफ़ ज़ेहन इन्साफ पसंदी से काम करने पर यक़ीन रखतें हैं। 

मोदी ने तो हनुमान चालीसा को तब्दील कर के मोदी चालीसा लिख दिया।  ऐसा कहतें हैं हनुमान चालीसा पढ़ने से हिन्दू जंगजू में ताक़त आती है।  वहीँ मोदी चालीसा पढ़ने से ज़ालिम दरिंदों शैतानों को भगवान मोदी की मदद फ़राहम होती है।  वहीँ हिन्दू मज़हब में शिव को सबसे बड़ा अवतार माना जाता है कोई भी नया काम करने से क़ब्ल या तो

 " ॐ नमः शिवाय " लिखा जाता है या " ॐ गणपतये नमः " से काम का आगाज़ किया जाता है

वहीँ मोदी ने इस मन्त्र को तब्दील कर के ४०० पार नमः कर दिया है।

नाज़रीन मोदी नाम के इस ताजिर को मालूम है की हिन्दू कितना बेवक़ूफ़ है उसको मज़हब के नाम पर बहकाना कितना आसान हैं।  तभी तो भगवान रजनीश (ओशो) भगवान चंद्रास्वामी जैसे पाखंडी इस ही ज़मीन पर पैदा हुए।  अब भगवान मोदी गया जो कहता है में भगवान की जानिब से उसका ख़ास नुमाइंदा हूँ मतलब में भगवान हूँ।   मुझे किसी वालेदा ने अपनी योनी से नहीं जना बल्कि में तो ऊपर से भेजा गया हूँ।  एक ख़ास काम को सरंजाम देने के लिए मुझे भगवान से ख़ास हिदायत मिलती रहती है। 

ख़ैर हम जून का इंतज़ार करेगें।  लेकिन यह बात ते है अगर ज़ाफ़रानी महज़ को चार सो पार सीटें आती हैं तो खित्ते का अमन सख़्त ख़राब होने वाला है और हर हाल में दो एटॉमिक मुल्कों के दरमियान जंग होगी हर हाल में होगी।  वहीँ पाकिस्तान मई २०२४ को जब मोदी बीजेपी और मीडिया बोहोत पाकिस्तान का नाम ले कर कोस रहे थे तभी वाज़े कर दिया है हम एक जोहरी ताक़त हैं और हम जोहरी हथियारों को पहले नहीं इस्तेमाल करने के फ़लसफ़े को नहीं मानते।  अगर वक़्त आया तो हम दुश्मन पर पहले जोहरी हमला करने से नहीं चुकेगें। 

एक बात तो ते है अगले कुछ सालों तक मज़ीद हिंदुस्तान के अवाम को हर पल टेंशन, फ़िक्र और जंग के माहौल में जीना पड़ेगा।   जिस अमन और सुकून की उम्मीद लगाए बैठे थे हिंदी अवाम वोह अभी उन से कोसों दूर रहेगा।  जैसा की तवक़्क़ो कर रहे थे अगर सिलिंडर ५००० रूपये का हो जाए और पेट्रोल ५०० रूपये का सब्ज़ी भाजी १००० रूपये तक पहुंच जाएँ फ़िर भी हम मोदी को ही लायेगें, हम भूके मर जायेगें अपने बीवी बच्चों का गाला घोंट कर मार देंगें लेकिन हमारी पहली पसंद तो मोदी ही रहेगें वोह हमारे भगवान हैं। तो वैसा ही होगा इंशाअल्लाह वैसा ही होगा।  मेहगाई के चलते भगवान मोदी के मज़हब के अवाम को अपने बीवी बच्चों के गले घोंट कर मारना भी पड़ेगा, सुकून अमन फ़ौत भी होगा और सिलिंडर ५००० पेट्रोल ५०० पार भी होगा। 

जैसा की में हर बार बोलता हूँ कश्मीर मुद्दा जंग से ही हल होगा और ना सिर्फ कश्मीर बल्कि पूरा भारत होगा पाकिस्तान का ग़ुलाम।  फ़िर इस जंग में सख़्त बोहोत सख्त अमवात होंगी।  हर संघ, बीजपी और हिन्दू शिद्दत से पूरा ख़ित्ता पाक होगा। 

सहाफ़ी ज़ुबेर

अब्दुल कुर्सी का हक़दार है.

हर कोंग्रेसी की सोच मिल्लत से ग़द्दारी वाली है. भलें आज मौलाना अब्दुल कलाम आज़ाद के लिए बड़े क़सीदे लिखे जातें हैं. उन्होंने तंज़ीम का भला किया ल...