जैसे आरिफ़ को मिली सारस
दुआए है सभी को मिले उनकी मोहब्बत
सहाफ़ी ज़ुबेर
अज़ीज़ नाज़रीन,
मोहब्बत को जुदा करना हर वक़्त में ज़ालिम, दरिदों और विलेनों को भारी पड़ा है और मोहब्बत हर एक इम्तेहान में कामयाब होती है।
सारस परिंदे से आरिफ़ की मोहब्बत के बारे में आप तमाम को वाक़फ़ियत तो होगी। आरिफ़ के बाद अब सूबे शुमाल (उत्तर प्रदेश) के आजमगढ़ के तहबरपुर थाना हल्क़े के गांव में सारस का तब्सिरा जोरों पर है. यहां गांव के सुनील दुबे नाम के नौजवान के पास परिंदा सारस पहुंच गया।
सारस कई दिन से सुनील के साथ रह रहा था. सुनील जहां भी जाता था, सारस भी पीछे-पीछे जाता था. इस बात को लेकर गांव के कुछ लोगों का कहना था कि प्रदेश में पहचान रखने वाला सारस किसी व्यक्ति के साथ न रहे.
नाज़रीन सारस और अमेठी के रहने वाले आरिफ़ की दोस्ती मीडिया के लिए सुर्खियों लाई थी. इन दोनों की दोस्ती के वीडियो भी सामने आए थे,
इस दौरान महकमे जंगलात ने दोनों को अलग कर दिया था. सारस को कानपुर के अजायबघर (चिड़ियाघर) में क़ैद कर दिया गया. वहीं आरिफ पर केस दर्ज कर दिया था. आरिफ ने अपने दोस्त को इन्तेज़ामियाँ से आज़ाद करने की गुज़ारिश की थी।
अब गांव वालों ने महकमे जंगलात की टीम बुलाकर सौंपा परिंदा फिर किसी आरिफ को सारस ने जुदा न होना पड़े..!
ज़ुबेर