Monday, 29 August 2022

आलमी कप में धोया एशिया कप में धूल गए।

See this After UAE now its turn for Pakistan to face the rage of Almighty. also. 

नाज़रीने गिरामी

आज का मौज़ूं एशिया कप में पाकिस्तानियों की धुलाई से मुत्तालिक़ है।  क्या वजह है माह क़ब्ल जिस पाकिस्तान की टीम ने भारत को आलमी कप में धोया था, वही पाकिस्तानी टीम महज़ माह में इतनी कमज़ोर हो गई की ताश के पत्तों की तरह पाश पाश हो गई।  नाज़रीन उसकी वजह है हाकिमे वक़्त का गद्दी नशीन होना।  जैसा आप हज़रात को इल्म होगा और हर मोमीन का यह तस्सव्वुर है की वाल्दैन की बदकारी का ज़वाल पूरे घर को अदा करना होता है और हाकिम अगर बदकार हो तो उसका ज़वाल पूरे मुल्क पर होता है।  

इमरान खान की क़ियादत में जिस पाकिस्तान की टीम से भारत की टीम ऐसी ख़ौफ़ज़दा होती थी की कई दफ़ा खेल के मैदान में नहीं आई थी।  यहाँ तक की भारत की सरज़मीन पर जब धोया था तब बायकाट पाक क्रिकेट की मोहीम का आगाज़ ज़ाफ़रानी ज़हर ने किया था।  यहाँ तक की वानखेड़े स्टेडिम का पिच खोद डाला गया था।  ताके पाक टीम यहाँ पर कर बॉम्बे को फ़तह ना कर ले और भारत के हाथ लगे ज़लालत और रूस्वाई। 

फिर जब इमरान खान ने टीम की क़ियादत से अलहदगी इख़्तेयार की और सियासत में शरीफ़ या भूट्टू ने इस्लामिक रियासत की क़ियादत संभाली तब फिर से हालात साज़गार होना शुरू हुए थे।  और गाहे बगाहे भारत और पाकिस्तान के दरमियान क्रिकेट खेली जाने लगी थी।  क्योंकि उन हाकिमों में उतनी रूहानी क़ुव्वत और ताक़त नहीं थी की भारत के शैतानी हमलों को रोक सके। 

फिर मुल्के हिन्द में हिटलर, जल्लाद, दरिंदा, क़ातिल, दहशतगर्द एक फिरोन की नस्ल का हाकिम क़ाबिज़ हुआ वहीँ २०१८ में पाक मुल्क की क़ियादत फिर वही शेरे बब्बर इमरान खान के हाथ में आई।  जी हाँ नाज़रीन यह वही इमरान खान हैं जिनका नाम सुन कर ही हिन्द के उस दरिंदे उसके पैरोकार, ज़ाफ़रानी शिद्दत, सिंघी दहशत और बीजेपी वालों और ज़ाफ़रानी सहाफ़त को जुलाब हो जाते हैं।  

फिर फ़रवरी २०१९ में मोदी, बीजेपी, संघी दहशतगर्दों ने अपने ही फौज के अराकीनों को क़तल कर दिया और इलज़ाम पाकिस्तान, इमरान खान पर लगा दिया।  जिससे की उनकी इज़्ज़त बर्बाद हो जाए और आलमी बरादरी पाकिस्तान के ऊपर हमलावर हो जाए।  लेकिन यहाँ पर भी फ़तह पाक और इमरान खान की ही हुई और ज़लालत हिन्द में मौजूद ज़ालिमों, दरिंदों, दहशतगर्दों के हाथ लगी। 

यहाँ से फिर सिलसिला वही शुरू हुआ क्रिकेट बायकाट क्योंकि इन ज़ालिमों को इल्म हो चूका था की अब आगे हमारी मौत है। क्योंकि हमारी जंग अब पाक के बे ईमान और सियासत में कमज़ोर हाकिमों से नहीं है बल्कि उस मुजाहिदे आज़म से है जो हमको हर हलक़े में कमज़ोर और रुस्वा कर चूका है।    

पाक में जो भूट्टोस और शरीफ की क़ियादत में हिन्द पाक के दरमियान गाहे बगाहे क्रिकेट का आगाज़ हुआ था २०१९ से फिर से पूरी तरह बंद हो गया।  बस अब तो आलमी कप या कोई ऐसे टूर्नामेंट में ही दोनों टीमें आमने सामने होती थी जहाँ बोहोत ही ज़रूरी होता था।  

बिल आख़िर इमरान खान की हाकिमियत में आलमी क्रिकेट में पाक हिन्द के मुक़ाबले की नौबत गई।  तमाम काफिर शिद्दत, संघी दहशत और बीजपी वालों को मिला कर नो निहाद सेक्युलर, मुस्लिम सभी मुत्मइन थे की हमारे पास मोदी की शैतानी क़ुव्वत है  हर हाल में काफिर शिद्दत ही फतहयाब होगी।  लेकिन हुआ उसके बरक़्स रूहानी ताक़त के सामने शैतान क़तल किया गया।  और पाकिस्तान ने भारत को १० विकेट से धो डाला।  और भारत के तमाम १० काफिर शिद्दत को क़तल कर दिया। 

नाज़रीन अब हिन्द का बड़ा शैतान (मोदी) मजला शैतान (अमित) और अदना शैतान (योगी) यह भली भाँती समज गए थे की पाक के इस शख़्स से बराहे रास या सीधी आमने सामने की जंग में फाहयाब नहीं होंगे हर उस हलक़े में उसको शाकिस्त और रूस्वाई का समाना करना पडेगा जिसमे की मुक़ाबिल पाक का शेरे बब्बर इमरान खान होंगे।  फिर यहाँ से इन काफ़िरों ने इस्लाम दुश्मनों ने साजिश का आगाज़ किया और मुनाफ़िक़ों से मिलीभगत कर के फ़ज़लू नाम के दज्जाल के साथ साजिश कर के इमरान खान को बरतरफ़ किया और खुद हाकिमियत के कुर्सी पर फ़ाइज़ हो गए। 

अब मसले पहले से मज़ीद पेचीदा हैं जिन मुद्दों पर फ़ज़लू और शरीफ ने इमरान खान को हटाया था।  हज पर जाने के लिए पहले लाख का इख़राजात होते थे अब फ़ज़लू के बेरुन मुल्क वज़ीर के होने के बावजूद १० और ११ लाख का इख़राजात होता है।  ऐसे ही हर उस मुद्दे पर दो और तीन गुना ज़ाईद पैसा अवाम को देना पड़ रहा है जो इमरान खान की हुकूमत में कम देना होता था।   

तक़रीबन ऐसे ही हालात हिन्द में हैं मेहगाई, ख़ातूनों  की अस्मत रेज़ी, दहशतगर्दी जैसे जिन आतिशी मुद्दों पर शैतान और ज़ाफ़रानी दरिंदे क़ाबिज़ हुए थे उन मुद्दों को अवाम पहले से मज़ीद ज़्यादा महसूस कर रहा है। 

फ़ज़लू जैसे गुंडे ने हाकिमियत और अपने मफ़ात के ख़ातिर इमरान खान की हुकूमत को गिराया था लेकिन उसका ख़मयाज़ा पाक अवाम को भगतना पड़ेगा।  क्योंकी मौजूदा हुकूमत हिन्द हो या पाक दोगली हिकमते अमली पर अमल पेरा हैं।  पाकिस्तानी हुक्काम पर अमेरिका, भारत, इजराइल का ख़ौफ़ तारी है।इनको अपने मालिके हक़ीक़ी का ख़ौफ़ नहीं है, जभी रूसवा और ज़लील हो रहें हैं।

लेकिन शैतान, ज़ालिम, दरिंदा, दहशतगर्द, क़ातिल कितना ही क़वी और ताक़तवर हो जाए एक दिन हर उसको बेरहमी से क़तल कर दिया जाता जो ज़ालिम और नाइंसाफ होता है।  हिन्द में भी वही होगा जो मेरा मालिक चाहता है।  चाहे कितना भी माफ़ी मांगों या अपने खुद एलान कर्दा लक़ब "वीर" रख लो।   

Zuber

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