Thursday, 1 July 2021

सूबे शुमाल में ज़ाफ़रानी दहशत एक और झटका।

अज़ीज़ नाज़रीन,

दीफ़ाई फौजों को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है जब उन्होंने शिद्दत पसंद ज़ाफ़रानी दहशत के नौ उम्र एरिया कमोनडेंट शरद त्रिपाठी को ढेर कर दिया।   शरद संत कबीर नगर की लोक सभा सीट से २०१४ से २०१९ तक दहशतगर्दी के फ़राइज़ को अंजाम देता रहा था।  उसको कुछ अर्से क़ब्ल दीफ़ाई  फौजों ने घेर लिया था, और ज़ख़्मी हालात में उसको गुरूग्राम के मेदांता शिफा खाने में दाखिल किया गया था।  दीफ़ाई फौजों ने उसके ५६ इंची सीने को चीर कर जिगर पंचर कर दिया था। जिससे उसके जिगर (लिवर) में दिक़्क़त के चलते उसने दम तोड़ दिया।   उसको ढेर करने की खबर सियसत के गलियारों में सख़त तशवीशकुन साबित हुई और ज़ाफ़रानी दहशतगर्दों में ग़म देखा जा सकता है।  ज़ाफ़रानी तंज़ीम के कई आला सियसतदांओं ने वज़ीरे आज़ाम को मिला कर ताज़ियाती पैगाम पेश किये है।

मरकज़ी बुलंद दरवाज़ा स्मृति ने ट्वीट कर लिखा है में निशब्द हूँ।   ऐसा लगता है अभी बोल उठेगा शरद चल दीदी छेत्र में कार्यक्रम करना है।  चला गया, प्रभु की यही इच्छा थी।  ईश्वर शरद त्रिपाठी जी की आत्मा को शांति दे, अपने श्री चरणों में स्थान दें। 

अब्दुल कुर्सी का हक़दार है.

हर कोंग्रेसी की सोच मिल्लत से ग़द्दारी वाली है. भलें आज मौलाना अब्दुल कलाम आज़ाद के लिए बड़े क़सीदे लिखे जातें हैं. उन्होंने तंज़ीम का भला किया ल...