Sunday, 4 April 2021

यहाँ भी बाबार वहां भी बाबार

अज़ीज़ नाज़रीन,

 

आज के मज़मून का आगाज़ इस सहाफी के एक शेर से करतें हैं। 

 

यहाँ भी बाबार, वहां भी बाबार तुमको भी पड़ना होगा नाम बाबार

 

नाज़रीन इससे पेश्तर यह सहाफी अपने एक हिंदी मज़मून में इस बात को ज़ाहिर कर चूका है जितना काफिर शिद्दत पसंद, बीजेपी-संघी दहशतगर्द और हिंदी लंगूर-लँगूरनियाँ बाबार के नाम से इश्तिआल अंगेज़ी करेगें उनको वोह नाम हर बार ज़र्ब देगा और बाबार ही फतह करेगा। 

इस सहाफी की पेशानगोई शायद अब दुरुस्त और सही होते हुए दिख रही है।   अभी तो खेल के मैदान में बाबार के धमाके देखे जा सकतें हैं जिसने भारत के सूरमा विराट कोहली को धुल चटा दी और उसको बोना बना दिया आगे मज़ीद ऐसे ही नाम वाले सियासत में आगे आयेगें और हिन्दुस्तान को उसके वजूद को हर शिद्दत पसंद को तबाह कर देंगें।

जी हाँ नाज़रीन पाकिस्तान के नौजावन कप्तान बाबार आज़म अब किसी भी तार्रुफ़ के मोहताज नहीं हैं।   क्रिकेट में उनका नाम मोहज़्ज़ब शख्सियतों को पीछे छोड़ कर हदफ़ को हासिल करने के लिए आगे की जानिब कूच कर रहा है।   हाल ही में उन्होंने साउथ अफ्रीका के आलमी शोरत आफ़ता बल्लेबाज़ हाशिम आमला और हिन्द के विराट कोहली के रिकॉर्ड को चकना चूर कर कर दिया।   जिस आलमी ख़िताब के दावेदार अभी तक हाशिम और विराट हुआ करते थे अब उस आलमी ख़िताब (वर्ल्ड रिकॉर्ड) के हक़दार बाबार होंगे।  

बरोज़ जुमा जुनूबी अफ्रीका और पाकिस्तान के दरमियान खेले गए एक रोज़ा बेन अक़वामी मैच में १३वा  सैकड़ा जड़ कर विराट कोहली और हाशिम आमला जैसे अज़ीम बल्लेबाज़ों के रिकॉर्ड को चूर चूर कर दिय।   इस मैच में पाकिस्तान ने जुनूबी अफ्रीका पर बाबार अज़ाम के १०३ रनों की बदौलत ३ विकेटों से फतह हासिल की है।   लेकिन इस मैच की फतह के साथ साथ कप्तान बाबार अज़ाम की कप्तानी और उनके रिकॉर्ड को ले कर हर जानिब शोर मच रहा है। 

ऐसे पिटाई की विराट कोहली की

नाज़रीन जिस रिकॉर्ड पर पहले भारत के विराट कोहली का नाम हुआ करता था उसको अब बाबार ने शाकिस्त दे कर पीट पीट कर अपने नाम लिख लिया है।  बाबार आज़म ने ना सिर्फ दुसरे नम्बर पर रहें विराट को पीट डाला बल्कि जुनूबी अफ्रीका के हाशिम आमला से भी आगे निकल कर पहले नंबर पर क़ाबिज़ हो गए।

एक रोज़ा बेन अक़वामी मैच में १३ सैकड़ा लगाने वाले क्लब में जहाँ हाशिम आमला ८३ पारियां खेल कर पहले नंबर थे वहीँ विराट ने उस हदफ़ को हासिल करने के लिए ८६ पारियां खेली जबकि अज़ीम बाबार उन्होंने इस हदफ़ को हासिल करने के लिए महज़ ७६ पारियां ही खेली हैं और उन्होंने १३ शतक ठोंक डाले। और बन गए आलमी पहला नंबर और भारत के विराट को तीसरे दर्जे में पहुंचा दिया।  

कुल मिला कर यह कहना गलत नहीं होगा जिस जिस मुस्लिम शख़्स से भारत के शिद्दत पसंद काफिर, बीजेपी, संघी मीडिया के लंगूर और लँगूरनियों को हसद, जलन होगी वही नाम आ कर उनकी बख़िया उधेड़ देगा।   बाबार से बोहोत हसद थी अभी तो इनके राम की नगरी का नाम ही बाबरपुर होगा।   

दरअसल इन लोगों ने अपने हाथों से अपनी जहालत की क़लम से अपना सियाह मुक्क़द्दर लिखा है।   हर मुद्दे पर मोदी मोदी मोदी।  भारत वर्ड कप जीता तो लंगूर लँगूरनियों को उसमे मोदी की कारगरदेगी दिखी और इंतेखाब में उसको भी भुनाने चले।   बालाकोट का स्ट्राइक मोदी, लेकिन चीन की घुसपैठ वोह तो फौज की नाहीली है अब मोदी जी थोड़ी जा कर सरहद पर चीन को रोकेगें।   वह क्या फलसफा है।   मीठा मीठा गैप गैप कडू कडू थू थू। 


जुबेर

अब्दुल कुर्सी का हक़दार है.

हर कोंग्रेसी की सोच मिल्लत से ग़द्दारी वाली है. भलें आज मौलाना अब्दुल कलाम आज़ाद के लिए बड़े क़सीदे लिखे जातें हैं. उन्होंने तंज़ीम का भला किया ल...