Monday, 8 July 2019

EVM पे सियासत गरमाई, अब राज ठाकरे ने दिखाए बागी तेवर.

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे ने यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी से दस जनपथ पर मुलाकात की. राज ठाकरे ने ईवीएम के मुद्दे पर सोनिया गांधी से बातचीत भी की. सूत्रों का कहना है कि इस बैठक के दौरान महाराष्ट्र चुनावों के मुद्दों पर दोनों नेताओं ने चर्चा की. दोनों नेताओं के बीच हुई बैठक करीब ४० मिनट तक चली. ईवीएम के मुद्दे पर विपक्षी पार्टियां अक्सर सवाल उठाती रही हैं.

इससे पहले महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष राज ठाकरे ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर महाराष्ट्र विधानसभा का चुनाव ईवीएम की जगह बैलेट पेपर से कराने की मांग की. राज ठाकरे ने अपने पत्र में कहा है कि ईवीएम को लेकर कई सवाल खड़े किए जा रहे है. ऐसे में चुनाव प्रणाली में फिर से विश्वास के लिए चुनाव EVM की जगह बैलेट पेपर से कराए जाएं.

महाराष्ट्र में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले दोनों नेताओं की ये बैठक अहम मानी जा रही है. हाल के दिनों में राज ठाकरे पीएम मोदी पर हमलावर रहे हैं और कई मौकों पर वह राहुल गांधी की तारीफ कर चुके हैं.

लोकसभा चुनाव के पहले मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनने का मौका दिए जाने की हिमायत की थी. उन्होंने कहा था कि पीएम नरेंद्र मोदी दूसरे एडोल्फ हिटलर हैं. मैं मोदी मुक्त भारत की कामना करता हूं. राज ठाकरे ने कहा कि जिस तरीके से मोदी को प्रधानमंत्री बनने का मौका दिया गया, उसी तरह से राहुल गांधी को भी प्रधानमंत्री बनने का अवसर मिलना चाहिए. हो सकता है कि वह देश के लिए बेहतर करें.

राज ठाकरे के इन बयानों और सोनिया गांधी से मुलाकात के बाद कयास लगाए जाने लगे हैं कि क्या वह महाराष्ट्र विधानसभा का चुनाव कांग्रेस के साथ मिलकर लड़ेंगे. हालांकि इसपर कुछ भी कहना अभी जल्दबाजी होगी.

हलाते हाजरा पे पत्रकार जुबेर की नुक़्ता ए नज़र

राज ठाकरे ने दिया मोदी के मुँह पे ज़ोरदार तमाचा.  इतना ही नहीं गुलामी का पट्टा गले में बांधे किसी पालतू की तरह प्रधान मंत्री कार्यालय या उसके निवास की रखवाली करने वाले मुख्य चुनाव अधिकारी को भी धूत्कार दिया जैसे कोई पालतू बेफालतू दुम हिलाना शुरू करता है तो उसको दुत्कारा जाता है.  प्रशासनिक अधिकारी या सरकारी मशीनरी को मिलने के बजाये राज विपक्ष की नेता सोनिया गाँधी से मिले.  राज की इस कारगरदेगी पे कुछ भक्तों की नाक भवें सिकुड़ने लगी.  बोले राज को सरकारी काम काज के लिए प्रशासन का दरवाज़ा खटखटाना था क्या कांग्रेस ही समूचे देश को चला रही है.  पत्रकार जुबेर को भक्तों की बात ज़रा सी नहीं भाई उन्होंने जवाब दिया.

पद अधिकारिओं की ओकात मालूम है राज ठाकरे को इसीलिए सरकारी अधिकारिओं से मिलने के बजाये वो विपक्ष से मिले. चुनाव आयोग की क्या कारगरदेगी रही थी पार्लिअमेंटरी इलेक्शन में मालूम होना चाहिए. फिर सी.बी.आई., उच्च और उच्चत्तम न्यायलय, प्रशासन, संसद, राष्ट्रपति  सभी तो सरकारी पट्टा गले में बाँध के प्रधान मंत्री के निवास या उसके कार्यालय के बहार चौकीदारी करते हैं. आई.पी.अस. संजीव भट्ट और खाकी आतंकी वंज़ारा के बारे में तो पढ़ा होगा. संजीव को सिर्फ एक हिरासत में मौत की सजा उम्र कैद और खाकी आतंकी वंज़ारा १२ कोल्ड ब्लडेड खून में भी बरी.  चलो वो छोड़ दो शहीद हेमंत करकरे किस तरह से उनकी शाहदत को धूमिल किया गया. लंगूर और लँगूरनिओं से ले कर समूचा भगवा समाज हेमंत को गद्दार साबित करने में लगा हुआ था और एक पाकिस्तानी बेगम (आतंकिनी) को देश भक्त.

अब्दुल कुर्सी का हक़दार है.

हर कोंग्रेसी की सोच मिल्लत से ग़द्दारी वाली है. भलें आज मौलाना अब्दुल कलाम आज़ाद के लिए बड़े क़सीदे लिखे जातें हैं. उन्होंने तंज़ीम का भला किया ल...