Friday, 1 February 2019

मोदी से छिनते गए तमगे.

भारतीय वज़ीरे आज़म मोदी हर उस काम को अपनी सरकार की कारगरदेगी करार दे देतें हैं जो असल में कांग्रेस सरकार ने अपनी ज़ेरे क़यादत किये थेकांग्रेस सरकार के किये हुए कामों में थोड़ा बोहोत रद्दो अमल किया और हो गया नया खाका तैयार जो अब हिंदी नाम से जाना जाएगादूसरी बात मोदी सरकार नकब ज़नी (डाका) डालने, रकून एवान और कानून साज़ों की खरीद फरोख्त करने के लिए मशहूर है,   जो अब उसके लिए मुज़िर साबित हो रही है.

असल में देखा जाए तो मोदी की ज़िल्लत और रूसवाई के लिए बीजेपी की कानून साज़, अला ओहदेदार, हिन्दू दहशतगर्द तंज़ीमें और शिद्दतपसन्द हिन्दू ज़ेहनियत और कुछ हद तक मोदी की नौटंकी और दोहरा रवय्या ज़िम्मेदार है.  अब अवाम ने मोदी की बदकारिओं और काली करतूतों को अच्छे से पहचान लिया है. जो इज़्ज़त, शोरत पहले मोदी को दी जाती थी अगरचे वो लंगूर सहाफिओं के बे पनाह इश्तेहार की वजह से ही सही अब वो कांग्रेस के सरबराह राहुल की जानिब गामज़न हो रही है. रही सही कसर दिगर मुख़ालेफ़ीन मोदी के ऊपर भारी पड़ रहे हैंहाल ही में राहुल के यूनाइटेड अरब अमीरात के दौरे पे जो वहां पे काम करने वाले भारतीय अवाम की दीवानगी पहले मोदी के लिए थी वो अब राहुल की जानिब मुतव्वज्जो हो गई और नारा मोदी मोदी मोदी राहुल राहुल राहुल में तब्दील दिखा.

रही सही कसर जो पहले लंगूर सहाफी और मीडिया मोदी कुर्ता मोदी जैकेट तक का इश्तेहार किया करते थे वो एजाज़ भी मोदी से छिनता नज़र रहा हैमुस्लिम हलकों में असदुद्दीन कुर्ता असदुद्दीन शेरवानी के नाम से तज़िर खूब कमाई कर रहे हैं.  कुल हिन्द इत्तेहादुल मुस्लेमीन के सरबराह असदुद्दीन की दुख्तर नेक अख्तर का निकाह कुछ दिसंबर २०१८ में होना ते करार पाया थाइस सहाफी को भी भोपाल में नवंबर २०१८ में फिर जनवरी २०१९ में शादिओं की तक़रीब में हिस्सा लेने का शर्फ हासिल हुआलेकिन ये क्या जिस किसी भी स्टोर या शो रूम पे ये सहाफी गया मोदी कुर्ते की जगह अब असदुद्दीन कुर्ते ने ले ली थी. और उनका शेरवानी नुमा कुर्ता खूब ज़ोर और शोर से दुकानदार, ताजिर और स्टोर वाले बेच रहे थे.  

एक बात साफ़ है और बचपन में कहावत सुनी थी जो दूसरों के लिए गड़ा खोदता है पहले वो खुद उसमे गिरता हैवो बात अब साबित भी हो रही है. जिस जिस मसले पे हिन्दू शिद्दतपसंदों ने मुस्लिम अवाम को बदनाम किया था अब वो कारगरदेगी उनकी जानिब मुतव्वज्जो हो गई वो सब अब उसमे मुलव्विस पाए जा रहे हैं और रूसवा हो रहे हैं.  लंगूरों ने जो फरेब, झूट मुसलमानों की निस्बत से पेश किया था अब वो सब बरहना हो गया मोदी जिन्होंने अपने दोहरे रवैय्ये की वजह से जो कुछ भी इज़्ज़त शोहरत रुतबा हासिल किया था अब वो रूसवाई का सबब बन गया.



See in English

Medals snatched from Modi.

अब्दुल कुर्सी का हक़दार है.

हर कोंग्रेसी की सोच मिल्लत से ग़द्दारी वाली है. भलें आज मौलाना अब्दुल कलाम आज़ाद के लिए बड़े क़सीदे लिखे जातें हैं. उन्होंने तंज़ीम का भला किया ल...