Tuesday, 2 May 2017

इन हाथो के लिये चूड़िया ही सही है.




दोस्तो मेरा एसा मनना है जितनी जिसकी हेसियत उतना उसको मूववाज़ा मेरे घर पे जब कोई नौटकी बाज़ आता है ओर नौटंकी करना शूरू करता है तो मे उसको 50 रूपेय दे कर छूटता करता हू. स्मृति जी ने चूडीओ की बात केह कर मनमोहन जी की कांग्रेस सरकार को ताना मारा था. तो उसके लिये लाख दो लाख देने की ज़रूरत नही वो तो क्या 50 रूपये मे खरीदी जा सकती है


ज़ूबेर एहमद ख़ान
पत्रकार

अब्दुल कुर्सी का हक़दार है.

हर कोंग्रेसी की सोच मिल्लत से ग़द्दारी वाली है. भलें आज मौलाना अब्दुल कलाम आज़ाद के लिए बड़े क़सीदे लिखे जातें हैं. उन्होंने तंज़ीम का भला किया ल...